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नई दवा से होगा ''प्रोस्टेट कैंसर'' का इलाज, लंदन के प्रोफेसर ने किया परीक्षण

प्रोस्टेट ट्यूमर पुरुषों के हार्मोंस पर निर्भर होता है।

नई दवा से होगा
लंदन. घातक प्रोस्टेट कैंसर से ग्रसित पुरुषों, जिन पर औपचारिक इलाज का असर होना बंद हो जाता है, उन्हें दवा प्रतिरोध पर काबू पाने के लिए बनाई गई नई वर्ग की दवाओं से संभावित तौर पर लाभ मिल सकता है।
इस पर चल रहा परीक्षण:
एक नए शोध के परिणामों से सामने आया है कि एचएसपी 90 नामक दवाओं का कैंसर के कई प्रकारों के लिए नैदानिक परीक्षण चल रहा है। इसमें मुख्य तौर पर प्रोस्टेट कैंसर कोशिकाओं द्वारा उपचार के प्रभाव पर असर डालने वाली प्रक्रिया को निष्क्रिय करने का लक्ष्य है।
पुरुषों के हार्मोनों पर निर्भर:
प्रोस्टेट ट्यूमर पुरुषों के हार्मोनों पर निर्भर होता है, जिसे एंड्रोजन्स भी कहा जाता है। यह बढ़ता और फैलता है और एंड्रोजन्स के संग्राहक को अवरुद्ध करना एक प्रभावी उपचार साबित हो सकता है।
अधिक प्रभावी
एचएसपी 90 अवरोधक उन नवीन इलाजों के प्रकारों में से एक हैं, जिनकी खोज परोक्ष रूप से कैंसर पर प्रभाव डालने के लिए की गई है। इसमें उन विभिन्न प्रोटीनों को अस्थिर किया जा सकता है, जो कैंसर कोशिकाओं के विकास के लिए जरूरी हैं। लंदन के इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च के मुख्य कार्यकारी और इस अध्ययन के सह-संचालक पॉल वर्कमैन ने कहा, यह दवाएं कैंसर पर अधिक प्रभावी तौर पर हमला कर सकती हैं और दवा प्रतिरोध पर काबू पाने की दिशा में आशाजनक लग रही हैं।
ऐसे करेगी काम
लंदन के इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च में प्रोफेसर और सह-संचालक जोहान दे बोनो ने कहा, पहली बार यह पाया है कि एचएसपी 90 अवरोधक सबसे आम असामान्य एंड्रोजन्स के संग्राहक के उत्पादन को रोक देते हैं। जोहान ने आगे कहा, इन दवाओं का कई प्रकार के कैंसर के लिए नैदानिक परीक्षण जारी है और मैं काफी उत्साहित हूं कि हमारे काम से प्रोस्टेट कैंसर से ग्रसित पुरुषों को फायदा संभव है। इस अध्ययन को कैंसर रिसर्च जरनल में प्रकाशित किया गया।
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