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National Unity Day 2019 Theme : राष्ट्रीय एकता दिवस क्यों मनाया जाता है, इतिहास, सरदार वल्लभ भाई पटेल की जीवनी और रोचक तथ्य

National Unity Day 2019 / राष्ट्रीय एकता दिवस 2019 : भारत में हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day In India) बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने की शुरुआत कब हुई (National Unity Day History), राष्ट्रीय एकता दिवस क्यों मनाया जाता है (Why Celebrate National Unity Day), राष्ट्रीय एकता दिवस को 31 अक्टूबर को मनाने की वजह और राष्ट्रीय एकता दिवस का सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) से संबंध क्या है ऐसी ही अन्य जानकारी के बारे अगर नहीं जानते हैं, तो आज हम आपको इन सब सवालों के जवाब और अन्य रोचक तथ्य बता रहे हैं।

National Unity Day 2019 : राष्ट्रीय एकता दिवस पर जानें इसे मनाने की वजह, इतिहास और रोचक तथ्य
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राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने की शुरुआत क्यों और कब हुई

National Unity Day 2019 : राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day) यानि देश को जोड़ने वाला दिन। इस दिन सरकार और गैर सरकारी संस्थाएं सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजन के जरिए देश के लोगों को एकता का लाभ, एकजुटता की भावना से देश की उन्नति और विकास में योगदान के बारे में जागरुक किया जाता है। इसके अलावा राष्ट्रीय एकता के सबसे बड़े और पहले विचारक माने जाने वाले सरदार पटेल के देश में योगदान और उनसे जुड़े तथ्यों के बारे में जानेंगें।




राष्ट्रीय एकता दिवस का इतिहास ( National Unity Day History)

राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल 31 अक्टूबर यानि आजाद देश के सबसे पहले उप-प्रधानमंत्री और पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 2014 भारत सरकार ने सरदार पटेल को देश की आजादी और वर्तमान स्थिति को बनाने के लिए किए गए प्रयासों और योगदान के प्रति सम्मान देने के लिए की गई थी। क्योंकि आजादी के बाद देश की लगभग 500 अलग-अलग रियासतों को एक सूत्र यानि एक देश में बांधने वाला असंभव कार्य सरदार पटेल ने अपनी सफल राजनैतिक और कूटनीतिक इच्छाशक्ति से मुमकिन कर पाए थे।




सरदार पटेल कौन थे (Who was Sardar Patel)

1. सरदार पटेल का पूरा नाम वल्लभ भाई पटेल था। इनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 में गुजरात के करमसंद में हुआ था।

2. सरदार पटेल पेशे से एक वकील यानि बैरिस्टर थे, लेकिन कुछ समय बाद वो महात्मा गांधी और उनके विचारों से प्रभावित होकर उनके नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए।

3. वल्लभ भाई पटेल को लौहपुरूष एवं भारत के बिस्मार्क और सरदार की उपाधियां भी दी गईं। बारडोली सत्याग्रह की सफलता के बाद वहां की महिलाओं ने वल्लभ भाई पटेल को 'सरदार'की उपाधि दी थी।

4. भारतीय इतिहास में सरदार पटेल को भारत को एक राष्ट्र निर्माता के रुप में याद किया जाता है, क्योंकि उन्होंने 1947-49 के समय में भारत की 500 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर भारतीय संघ के अंतर्गत जोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी।

5. देश के एकीकरण यानि राष्ट्रीय एकता का विचार देने वाले सबसे पहले सरदार पटेल माने जाते हैं।




राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने का तरीका (Tips to celebrate National Unity Day)

रन फॉर यूनिटी (Run For Unity)

साल 2014 से हर साल सरदार पटेल की जयंती यानि 31 अक्टूबर पर केन्द्र सरकार राष्ट्रीय एकता दिवस के बारे लोगों में जागरुकता बढ़ाने के लिए "रन फॉर यूनिटी" नाम से नेशनल लेवल पर मैराथन का आयोजन किया जाता है। जिसमें शहर, गांव और जिलों के स्कूल, कॉलेज,राष्ट्रीय कैडेट कोर,कई नेता, अभिनेता, खिलाड़ी अन्य लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। आमतौर पर इस मैराथन का आयोजन दिल्ली में किया जाता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम (Cultural Programme)

31 अक्टूबर को देश में सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं सरदार पटेल के जीवन और राष्ट्रीय एकता के महत्व, राष्ट्रीय एकता का अर्थ बताने के लिए कई सारे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। जिसमें निबंध, भाषण,कविता, वाद-विवाद प्रतियोगिता ,पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता आदि शामिल होती हैं। जिससे बच्चे और युवा राष्ट्रीय एकता के महत्व को समझ सके।

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