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International Yoga Day 2019: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जानें जोड़ों के दर्द के लिए योग

International Yoga Day 2019 : अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2019) आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। इस साल पांचवां अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस (Fifth International Yoga Day) भारत समेत पूरी दुनिया में मनाया जाएगा। ऐसे में देश ही नहीं विदेशों में भी लोग खुद को फिट और हेल्दी रखने के सबसे आसान और असरदार तरीकों में से एक योगा के फायदे (Yoga Benefits) लेने की तैयारियां करने लगे हैं। बाजारों में बड़े स्तर पर योगा डे टी-शर्ट (Yoga Day T-shirts) और कपड़ों की डिमांड अचानक से बढ़ गई है। ऐसे में आज हम आपको इंटरनेशनल योगा डे 2019 (International Yoga Day 2019) के आने से पहले रोजाना होने वाले जोड़ो के दर्द से छुटकारा दिलाने वाले आसान योगासनों के बारे में बता रहे हैं। आइए जानते हैं जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने वाले योगासन के लाभ और करने का सही तरीका (Advantages of yogaasan and the right way to do relief from joint pain)।

International Yoga Day 2019: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जानें जोड़ों के दर्द के लिए योग

International Yoga Day 2019 : अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2019) आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। इस साल पांचवां अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस (Fifth International Yoga Day) भारत समेत पूरी दुनिया में मनाया जाएगा। ऐसे में देश ही नहीं विदेशों में भी लोग खुद को फिट और हेल्दी रखने के सबसे आसान और असरदार तरीकों में से एक योगा के फायदे (Yoga Benefits) लेने की तैयारियां करने लगे हैं। बाजारों में बड़े स्तर पर योगा डे टी-शर्ट (Yoga Day T-shirts) और कपड़ों की डिमांड अचानक से बढ़ गई है। ऐसे में आज हम आपको इंटरनेशनल योगा डे 2019 (International Yoga Day 2019) के आने से पहले रोजाना होने वाले जोड़ो के दर्द से छुटकारा दिलाने वाले आसान योगासनों के बारे में बता रहे हैं। आइए जानते हैं जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने वाले योगासन के लाभ और करने का सही तरीका (Advantages of yogaasan and the right way to do relief from joint pain)।

जोड़ो के दर्द से छुटकारा दिलाने वाले योगासन :




1. अगर आपके घुटनों, टखनों, सायटिका और कमर में दर्द की शिकायत रहती है। तो ऐसे में नियमित रूप से त्रिकोणासन करना फायदेमंद रहेगा। त्रिकोणासन करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं, फिर अपने पैरों को 1 मीटर की दूरी तक फैलाए और अंदर की ओर साँस लें। इसके बाद अपनी दोनो हाथों को कंधे की सीध में ले जाएं। अब कमर से आगे की ओर झुकें और इसी बीच साँस को छोड़े।

इसके बाद अब बाए हाथ से दाएं पैर के पंजे को छुएं और दूसरा हाथ आसमान की ओर रखें। इस अवस्था में 2-3 सेकेंड तक रुकें। इस प्रक्रिया को दूसरे हाथ के साथ दोहराएं। त्रिकोणासन करने से घुटनों की नस, कमर, जंघा की संधि व कूल्हे में खिंचाव उत्पन्न कर उनको गतिशीलता प्रदान करता है।




2. जोड़ों के दर्द से निजात दिलाने में ताड़ासन भी बेहद लाभदायक होता है। ताड़ासन करने के लिए पहले सीधे खड़े होकर दोनों हाथों की हथेलियों को लंबी सांस भरते हुए ऊपर उठाएं। जैसे जैसे हाथ ऊपर उठे वैसे वैसे ही पैर की एड़िया भी उठातें जाएं। शरीर का भार पंजो पर रहेगा और शरीर ऊपर की ओर पूरी तरह से तना जाएगा। कुछ देर इस स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पुन: पहली वाली अवस्था में आ जाएं।




3. अगर आपको कमर दर्द, घुटनों के दर्द के साथ रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या रहती है। तो ऐसे में सुखासन करने से आराम मिलता है। सुखासन करने पर घुटने 90 डिग्री के कोण में मुड़ते हैं। इसे करने के लिए अपने दोनों पैरों को पहले सीधा फैलाएं, फिर पैर को मोड़कर, चौकड़ी या पालथी की मुद्रा में सीधा बैठ जाएं। याद रखें कि सुखासन करते समय रीढ़ की हड्डी सीधी रहें।




4.अगर आप जोड़ों के दर्द के साथ अपने शरीर तो लचीला बनाना चाहते हैं, तो ऐसे में बहुमुखी योग आसन के नाम से प्रसिद्ध सूर्य नमस्कार करना कारगर साबित होगा। सूर्य नमस्कार के अलग-अलग आसानों के माध्यम से शरीर की सभी मांसपेशियां मजबूत होती हैं और घुटनों को विशेष रुप से लाभ मिलता है।




5. अगर आपके कंधे, गर्दन,जांघों, पिंडलियों और टखनों में दर्द की समस्या रहती है, तो ऐसे में वीरभद्रासन का नियमित अभ्यास करना सबसे उपयुक्त रहेगा। वीरभद्रासन करने के लिए सबसे पहले ताड़ासन में खड़े हो जाएं।

इसके बाद सांस लेते हुए अपने पैरों को 3 से 4 फीट की दूरी पर खोल लें। इसके बाद अपने बायें पैर को 45 से 60 दर्जे अंदर को मोड़ें, और दाहिने पैर को 90 दर्जे बहार को मोड़ें। बाईं एड़ी के साथ दाहिनी एड़ी को एक सीध में रखें। अब सांस छोड़ते हुए अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को दाहिनी ओर 90 डिग्री तक घुमाने की कोशिश करें या जितना घुमा सकें।

इसके बाद धीरे से अपने हाथों को ऊपर उठाते हुए, हथेलियों को जोड़ लें। याद रखें ऐसा करते समय आपकी पीठ सीधी रहे। अपने बाईं एड़ी को मज़बूती से ज़मीन पर टिकाए रखें और दाहिने घुटने को मोड़ें जब तक की घुटना सीधा टखने की ऊपर ना आ जाए।

आसन से बाहर आते समय सिर नीचे कर लें, फिर दाहिनी जाँघ को उठायें, हाथ नीचे कर लें, धड़ को वापिस सीधा कर लें और पैरों को वापिस अंदर ले आयें ख़त्म ताड़ासन में करें। दाहिनी ओर करने के बाद यह सारे स्टेप्स बाएं पैर से भी दोहराएं।

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