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Exam Phobia : अगर आपका बच्चा एग्जाम को लेकर रहता है परेशान, तो अपनाएं ये तरीके

डॉ. समीर मल्होत्रा | UPDATED Feb 10 2019 1:16AM IST
Exam Phobia : अगर आपका बच्चा एग्जाम को लेकर रहता है परेशान, तो अपनाएं ये तरीके
Exam Phobia :         
 
एग्जाम्स शुरू होने से पहले ही बहुत से विद्यार्थी चिंता और तनाव के शिकार हो जाते हैं। उन्हें समझ में नहीं आता कि कैसे पढ़ाई करें, जिससे परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन कर सकें। अगर आप भी उनमें से हैं, जो परीक्षाओं के दौरान डर और एंग्जाइटी के शिकार हो जाते हैं तो हम आपको कुछ टिप्स दे रहें हैं, जिनका पालन करके न केवल आप अपने डर और उत्तेजना को नियंत्रित रख सकते हैं बल्कि परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन भी कर सकते हैं। 
 
 

रिवीजन जल्दी शुरू करें

जो विद्यार्थी अपने सिलेबस का रिवीजन जल्दी शुरू कर देते हैं, उनके लिए परीक्षाओं में बिना किसी तनाव या एग्जाम प्रेशर के उत्तर लिखना आसान हो जाता है। जितनी जल्दी आप रिवीजन शुरू करेंगे, उतना बेहतर रहेगा। रिवीजन करने से आप अपने सिलेबस को बेहतर तरीके से समझ और याद रख पाएंगे। इससे ना केवल आप अंतिम समय की घबराहट, तनाव और उत्तेजना से बच जाएंगे बल्कि आपको परीक्षाओं के पहले कठिन टॉपिक्स पर ध्यान केंद्रित करने में आसानी रहेगी।  
 

स्टडी शेड्यूल बनाएं

हर विद्यार्थी को अपनी क्षमताओं के बारे में पता होता है कि किन विषयों में उनको अधिक मेहनत करनी है? इसी के अनुसार उन्हें अपने लिए सप्ताह के सातों दिनों के लिए एक स्टडी शेड्यूल बनाना चाहिए। यह ऐसा होना चाहिए, जिसका आप आराम से पालन कर सकें और उसके अनुसार पढ़ाई कर सकें। 
 
  

मिक्स ऑफ सब्जेक्ट्स

एग्जाम टाइम के लिए जब भी आप टाइम टेबल बनाएं तो यह ध्यान रखें कि एक दिन के लिए केवल एक ही विषय न चुनें। अगर पूरा दिन आप एक ही विषय पढ़ते रहेंगे तो बोर हो जाएंगे या मानसिक रूप से थक जाएंगे। एक दिन में कम से कम दो विषय जरूर पढ़ें, एक सुबह और एक शाम को। इससे आपकी पढ़ने में रुचि बनी रहेगी और आप उन टॉपिक्स को भी बेहतर तरीके से तैयार कर पाएंगे, जो कठिन हैं, जिनमें आपको अधिक मेहनत करनी है।

ब्रेक भी है जरूरी

जब भी टाइम टेबल बनाएं, तो बीच-बीच में ब्रेक लेने के लिए टाइम निर्धारित करें। ब्रेक का मतलब यह नहीं है कि आप उस दौरान आराम ही करें। आप ब्रेक के दौरान नहा सकते हैं, कपड़े धोना, अपना कमरा साफ करना जैसे काम कर सकते हैं। ये सभी आपको पढ़ाई के दौरान जरूरी ब्रेक उपलब्ध कराते हैं। आप ब्रेक्स में डिनर, लंच और ब्रेकफास्ट को भी शामिल कर सकते हैं। 3-4 घंटे के अंतराल पर थोड़ी देर संगीत सुनना भी ब्रेक लेने का अच्छा तरीका है। पढ़ाई के दौरान ब्रेक लेने से उत्साह वापस आ जाता है।   
 
 
  

लें पूरी नींद

कईं विद्यार्थी बिना आराम किए लगातार पढ़ाई करते रहते हैं। लेकिन दोपहर में थोड़ी देर नींद लेना बहुत जरूरी है ताकि आंखों और मस्तिष्क को आराम मिल सके। दोपहर में थोड़ी देर नींद लेने से आप तरोताजा अनुभव करेंगे। दोपहर में ज्यादा देर सोने से बचें वरना आपको रात में नींद नहीं आएगी। रात को 6-7 घंटे की नींद लेना जरूरी है ताकि आप अगले दिन अपने टाइम टेबल के अनुसार पढ़ाई कर सकें।   

चुनें परफेक्ट टाइम

अगर आप सुबह बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं तो सुबह कठिन विषय चुनें। अगर आपको शाम को पढ़ाई करना पसंद है तो सुबह आसान विषय पढ़ें और कठिन विषयों के लिए शाम का समय निर्धारित करें। 

रहें फिजिकली एक्टिव

अगर आप सारा दिन पढ़ते रहेंगे तो न केवल आपकी पढ़ाई में रुचि कम होगी बल्कि आप तनावग्रस्त और परेशान भी हो जाएंगे। खेलने के लिए समय निकालें, यह तनाव को कम करने का सबसे बेहतर तरीका है। थोड़ी देर साइकिल चला लें या घूम लें, जिम चले जाएं. बागबानी कर लें, संगीत की धुन पर थोड़ी देर डांस कर लें, आप चाहें तो घर के छोटे-मोटे काम भी कर सकते हैं। ये गतिविधियां आपको तनावमुक्त कर आपके मूड को फ्रेश कर देंगी। 

संतुलित भोजन

विद्यार्थी अकसर परीक्षाओं के दौरान नाश्ता या मील स्किप कर देते हैं। यह बहुत ही गंभीर गलती है, जो वो करते हैं। मील स्किप करने से आपकी समस्या का समाधान न होगा, बल्कि ऐसा करने से आपके मस्तिष्क में महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी हो जाएगी। आपको उचित समय पर ऐसे भोजन का सेवन करना जरूरी है, जो कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, मिनरल्स और विटामिंस से भरपूर हो, जो आपको ध्यान केंद्रित करने में सहायता कर सके।         
 

लेते रहें गाइडेंस

अगर आपको लगता है कि किसी विषय को तैयार करने में आपको परेशानी आ रही है तो माता-पिता, दोस्तों या शिक्षकों की सहायता लें। या आपको टाइम-टेबल बनाने में कोई दिक्कत है तो अपने परिवार के लोगों से गाइडेंस ले सकते हैं।                   

रखें ध्यान 

-•कठिन टॉपिक्स की लिस्ट बना लें और उन पर प्राथमिकता के आधार पर नंबर डाल दें, ताकि आपके लिए उनपर विशेष ध्यान देना आसान हो जाए।
-लक्ष्य निर्धारित करें, अच्छी तरह पढ़ाई करने और सफलता प्राप्त करने के लिए यह बहुत जरूरी है।
-अगर आपको परीक्षाओं को लेकर डर और एंग्जायटी हो रही है तो शिक्षकों या माता-पिता से शेयर करें ताकि इस स्थिति से निपटा जा सकें। 
-पिछले वर्षों के पेपर्स को हल करें ताकि आप अंदाजा लगा सकें कि आपकी तैयारी कैसी है और कमियों को कैसे सुधारा जाए।
-तुलना न करें। यह समझें कि हर किसी का पढ़ाई करने का तरीका और मानसिक क्षमता अलग-अलग होती है।
-अगर आपको ग्रुप स्टडी करना पसंद है तो जरूर करें, इससे विषयों को बेहतर तरीके से समझने में सहायता मिलती है।
•-तनाव और एंग्जायटी को दूर करने तथा मानसिक शांति के लिए सुबह 10-15 मिनट ध्यान और व्यायाम करें।
•-अपना मानसिक दृष्टिकोण सकारात्मक रखें।

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