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यीशु के संदेश : क्रिसमस पर जानिए, यीशु की जीवन बदलने वाली ये खास शिक्षाएं

दुनिया को प्रेम और मानवता का पाठ पढ़ाने वाले ईसा मसीह का जीवन अनेक प्रेरक घटनाओं और चमत्कारों से भरा रहा। उनके हर संदेश में मानवता का हित ही निहित रहा। इसी तरह उनके चमत्कार के पीछे भी जनकल्याण की भावना मौजूद रही। इस तरह उनका संपूर्ण जीवन हम सबके लिए प्रेरणास्पद है।

यीशु के संदेश : क्रिसमस पर जानिए, यीशु की जीवन बदलने वाली ये खास शिक्षाएं
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ईसा मसीह प्रेम और करुणा की ऐसी प्रतिमूर्ति हैं, जो केवल उनके अनुयायियों के ही नहीं मानवता से प्रेम करने वाले हर इंसान के मन में बसती है। ईसा के वचन और संदेश प्रेमपूर्ण हैं, जो सीधे हमारे हृदय में उतरते हैं। उनकी करुणा का द्वार सभी के लिए खुला है। ईश्वरीय राज्य में प्रवेश करने के लिए ईसा मसीह भौतिकता के मोह को कम करके त्याग, सेवा और परोपकार का रास्ता चुनने का संदेश देते हैं। उनकी और भी शिक्षाएं जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली हैं। साथ ही जो चमत्कार ईसा मसीह ने किए, उनमें भी मानव कल्याण की भावना ही निहित थी।

जीवन बदलने वाली शिक्षाएं

-अपने माता-पिता का आदर करो और अपने पड़ोसी से भी अपनों के समान प्रेम करो, उनके प्रति दयावान रहो।

-धन्य हैं वे, जिनके मन शुद्ध हैं क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।

-पवित्रता और सेवा, यह दो गुण ही ऐसे हैं, जिन्हें मजबूती से पकड़े रहने यानी जिनका पालन करने पर तुम महान बनोगे और धन्य कहलाओगे।

- परिश्रम करो और जमाखोरी की ओर मन न ललचाने दो।

ऐसे ही अनेक वचनों के जरिए ईसा मसीह, आमजन को सद्मार्ग पर चलने की सीख देते हैं, जिससे सबका जीवन सफल और खुशहाल बने। उनके दिव्य ज्ञान से विकिरित संदेश आज भी हर किसी को उचित राह दिखा रहा है। प्रेम और मानवता के इस संदेशवाहक की यह अमृतवाणी, समस्त धर्मों का सार तत्व कही जा सकती है।

ईसा की शिक्षाओं के बारे में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और लेखक सदगुरु कहते हैं, ‘जब हम ईसा मसीह की बात करते हैं तो हम उस व्यक्ति की बात नहीं करते, जो दो हजार साल पहले इस दुनिया में अवतरित हुआ बल्कि एक खास संभावना की बात करते हैं, जो हर इंसान में मौजूद होती है। यह जरूरी है कि हर व्यक्ति इस गुण को अपने भीतर संजोए, उसे फलने-फूलने में सहयोग करे।

इसी से मानवता का कल्याण होगा। आजकल अज्ञानतावश कई लोग धर्म के नाम पर, ईश्वर को पाने की चाह में, अपने भीतर की मानवता को खो रहे हैं। ईसा मसीह की शिक्षा का सबसे अहम पहलू है, अपने-पराए का भेदभाव किए बिना, बगैर किसी पूर्वाग्रह या पक्षपात के जीवन बिताना। तभी हम ईश्वर के साम्राज्य को जान सकते हैं।’

सद्गुरु यह भी कहते हैं, ‘ईसा मसीह का ईश्वरीय साम्राज्य कहीं ऊपर आसमान में नहीं वरन हमारे भीतर ही है, लेकिन दुर्भाग्य या अज्ञान के कारण अधिकांश लोग अपने भीतर मौजूद इस अद्भुत दुनिया को देख ही नहीं पा रहे हैं, हमें इसे अपने अंदर ही ढूंढ़ने की जरूरत है।’

चमत्कार में निहित लोक-कल्याण

ईसाई धर्म के पवित्र ग्रंथ बाइबल में ईसा मसीह के अनेक चमत्कारों का जिक्र मिलता है, जो उनकी ईश्वरीय शक्तियों के प्रमाण हैं। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि ईसा मसीह के इन चमत्कारों के पीछे उनकी मंशा खुद का महिमामंडन न होकर सिर्फ और सिर्फ लोक-कल्याण की भावना थी। बाइबल के उदाहरण बताते हैं कि ईसा ने सभी चमत्कार किसी बंद कमरे में नहीं अपितु सैकड़ों-हजारों लोगों के सामने किए।

एक बार किसी नगर में खाद्य सामग्री का अभाव हो गया तो ईसा मसीह ने महज दो रोटी और कुछ मछलियों से हजारों लोगों की भूख को शांत कर दिया। इसी तरह कहते हैं कि यीशु ने हजारों शारीरिक रूप से अपंग और असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों को महज अपने हाथों के स्पर्श मात्र से निरोग कर दिया था।

ऐसे कई उदाहरण पवित्र बाइबल में दिए गए हैं, जो साबित करते हैं कि ईसा हर मनुष्य की पीड़ा को दूर करना चाहते हैं, उनके जीवन को खुशहाल बनाना चाहते हैं। कहने का सार यही है कि ईसा मसीह, मानव कल्याण के लिए हमेशा तत्पर रहे और दूसरों को भी ऐसा करने का संदेश दिया।

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