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एसिडिटी : कॉस, सिम्टम्स और ट्रीटमेंट

एसिडिटी के लक्षणों को पहचान कर इसका समय पर इलाज करवाना जरूरी है।

एसिडिटी : कॉस, सिम्टम्स और ट्रीटमेंट
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हममें से कई लोगों को खाने के बाद छाती में दर्द और जलन महसूस होती है, खट्टी डकारें आती हैं। ऐसे में अकसर हम एंटा एसिड की टैबलेट या सिरप ले लेते हैं। इससे कुछ देर के बाद हमें आराम मिल जाता है फिर हम इस समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन बार-बार इस परेशानी को नजरअंदाज करने का मतलब है, अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करना।
यह गैस्ट्रोइसोफैगल रिफ्लेक्स डिजीज (जीईआरडी) की शुरुआत हो सकती है। इसे हम आम बोलचाल की भाषा में एसिडिटी कहते हैं। इसके लक्षणों को पहचान कर इसका समय पर इलाज करवाना जरूरी है। जानते हैं एसिडिटी, उसके कारण, लक्षण और बचने के उपायों के बारे में।
क्या है एसिडिटी
भोजन के पचने की शुरुआत मुंह से होती है। जैसे ही भोजन मुंह में प्रवेश करता है, लार भोजन में उपस्थित स्टार्च को छोटे-छोटे अणुओं में तोड़ने लगता है। उसके बाद भोजन इसोफेगस से होता हुआ पेट में पहुंचता है। यहां पहुंचने के बाद इसे पचाने के लिए पेट की भीतरी परत से एसिड (स्टमक एसिड) निकलता है। कई लोगों में लोवर इसोफेगियल स्फिंक्टर (एलईएस) ठीक से बंद नहीं होता, इस वजह से यह एसिड बहकर वापस इसोफेगस में चला आता है।
इसकी वजह से छाती में दर्द और तेज जलन महसूस होती है। इस स्थिति को जीईआरडी या एसिड रिफ्लेक्स कहते हैं। इसके अलावा कई लोगों के पेट में सामान्य से अधिक मात्रा में एसिड निकलता है। इससे भी एसिडिटी होती है। इस स्थिति को जोलिंगर एलिसन सिंड्रोम कहते हैं।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, एसिडिटी के लक्षण और उपचार के बारे में -
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