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केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि साल 2026 से UPSC प्रीलिम्स परीक्षा के बाद प्रोविजनल आंसर-की जारी की जाएगी। छात्र अब 'QPRep' पोर्टल के जरिए गलत सवालों पर आपत्ति भी दर्ज करा सकेंगे।

UPSC New Rules: केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुपालन में UPSC ने नई गाइडलाइंस तैयार की हैं। इसके तहत साल 2026 की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा से आयोग अपनी वेबसाइट पर प्रोविजनल आंसर-की जारी करना शुरू कर देगा। यह नियम यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी संरचित (Structured) परीक्षाओं पर लागू होगा।

सवालों पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका
अब उम्मीदवार प्रश्नपत्र में किसी भी तथ्यात्मक गलती या विसंगति को चुनौती दे सकेंगे। इसके लिए यूपीएससी की वेबसाइट पर 'क्वेश्चन पेपर रिप्रेजेंटेशन पोर्टल' (QPRep) उपलब्ध है। 2026 से छात्र इस पोर्टल के जरिए प्रोविज़नल आंसर-की पर अपनी आपत्ति दर्ज करा पाएंगे। इसके अलावा, उम्मीदवार CPGRAMS और ईमेल के माध्यम से भी अपनी शिकायतें आयोग तक पहुँचा सकते हैं।

रिजल्ट के बाद ही दिखेंगे प्रीलिम्स के मार्क्स
मंत्री जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि हालांकि आंसर-की परीक्षा के तुरंत बाद आ जाएगी, लेकिन प्रारंभिक परीक्षा के व्यक्तिगत अंक (Marks) फाइनल रिजल्ट घोषित होने के बाद ही जारी किए जाएंगे। साथ ही, अलग-अलग वैकल्पिक विषयों (Optional Subjects) के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए आयोग 'इंटर-सब्जेक्ट मॉडरेशन' की पद्धति अपनाता रहेगा, ताकि किसी भी विषय के छात्र को नुकसान न हो।

CSAT और मूल्यांकन की प्रक्रिया
CSAT पेपर पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि यह केवल एक क्वालिफाइंग पेपर है, जिसका स्तर मैट्रिक (10वीं) के स्तर का होता है। इसका उद्देश्य उम्मीदवार की विश्लेषणात्मक क्षमता की जांच करना है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्णनात्मक (Descriptive) उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और मॉडरेशन की विस्तृत जानकारी यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से उपलब्ध है।

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