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शेयर बाजार में बुधवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 600 अंक तक गिर गया। आईटी शेयरों में बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों का असर। मुनाफावसूली और बढ़ती अनिश्चितता से बाजार दबाव में आ गया।

Stock Market closing: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेज गिरावट देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते बाजार दबाव में रहा। दोपहर 12 बजे तक सेंसेक्स करीब 600 अंक यानी 0.76 प्रतिशत गिरकर 78,673 पर आ गया, जबकि निफ्टी 146 अंक टूटकर 24,430 के स्तर पर फिसल गया। हालिया तेजी के बाद ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली भी इस गिरावट की बड़ी वजह बनी।

हालांकि बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही। कुल 2,055 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,623 शेयर गिरे और 165 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके बावजूद बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा और अस्थिरता सूचकांक करीब 3.5 प्रतिशत बढ़कर 18.15 पर पहुंच गया, जो निवेशकों की सतर्कता को दिखाता है।

वैश्विक संकेतों का असर
एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी बाजारों में गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजार पर दिखा। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई, जिससे बाजार में दबाव बना रहा।

आईटी शेयरों में भारी बिकवाली
आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। आईटी सूचकांक 4.5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। एचसीएल टेक के कमजोर नतीजों और भविष्य को लेकर सतर्क टिप्पणी के बाद उसके शेयर 10 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए। इसका असर अन्य बड़ी आईटी कंपनियों पर भी पड़ा, जिससे पूरे सेक्टर में बिकवाली बढ़ गई।

तेल की कीमतें अब भी ऊंची
कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट जरूर आई, लेकिन यह अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। प्रति बैरल कीमत करीब 98 डॉलर के आसपास रहने से बाजार पर दबाव बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक तनाव के चलते अनिश्चितता बनी हुई है।

मुनाफावसूली ने बढ़ाया दबाव
पिछले तीन कारोबारी सत्रों में बाजार में अच्छी तेजी आई थी। निफ्टी ने पिछले सत्र में ही 200 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज की थी। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार नीचे आ गया।

सेक्टोरल ट्रेंड मिला-जुला
जहां आईटी और कुछ वित्तीय शेयरों में गिरावट रही, वहीं एफएमसीजी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में मजबूती आई। आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक निफ्टी के लिए 24550-24600 के बीच मजबूत रुकावट है जबकि 24400-24300 के बीच समर्थन बना हुआ है। यदि बाजार इन स्तरों के नीचे जाता है तो गिरावट और बढ़ सकती है।

(प्रियंका कुमारी)

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