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सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अमेरिकी अधिकारियों के हालिया बयानों के चलते वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अमेरिकी अधिकारियों के हालिया बयानों के चलते वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका असर कीमती धातुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

बाजार में चांदी की कीमत करीब 1560 रुपये गिरकर लगभग 2.75 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 560 रुपये घटकर करीब 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

दिल्ली में सोने के भाव में हल्की तेजी
हालांकि राजधानी New Delhi में सोने की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई है।

  1. 24 कैरेट सोना: प्रति 10 ग्राम ₹10 महंगा
  2. 22 कैरेट सोना: प्रति 10 ग्राम ₹10 की बढ़ोतरी

यह मामूली तेजी बाजार में स्थिरता के संकेत के रूप में देखी जा रही है।

दो दिनों में सोने में तेज उछाल
पिछले दो दिनों के ट्रेंड पर नजर डालें तो सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है।

  1. 24 कैरेट सोना: दो दिनों में ₹710 प्रति 10 ग्राम महंगा
  2. 22 कैरेट सोना: दो दिनों में ₹660 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी

इससे सर्राफा बाजार में निवेशकों की रुचि बढ़ती दिखाई दे रही है।

चांदी में भी मजबूती का संकेत
चांदी की कीमतों में भी पिछले दिनों तेजी देखने को मिली है। एक दिन की गिरावट के बाद राजधानी में लगातार दूसरे दिन चांदी महंगी हुई। पिछले दो दिनों में चांदी करीब ₹10,100 प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है, जिससे बाजार में मजबूती के संकेत मिल रहे हैं।

वैश्विक बाजार में क्या है स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया।

  1. स्पॉट गोल्ड: करीब 0.34% गिरकर 5224 डॉलर प्रति औंस
  2. स्पॉट सिल्वर: करीब 0.32% गिरकर 89.35 डॉलर प्रति औंस

हालांकि सोना अभी भी 5200 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बना हुआ है।

तेल बाजार और युद्ध का असर
Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे किसी तेल टैंकर को एस्कॉर्ट नहीं किया था। इस स्पष्टीकरण के बाद तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वहीं पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब 12वें दिन में पहुंच चुका है, जिसका असर कच्चे तेल के उत्पादन और रिफाइनिंग गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक United States Department of Defense ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे तीव्र हमले किए हैं और यह कार्रवाई तब तक जारी रह सकती है जब तक स्थिति नियंत्रित नहीं हो जाती।

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