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Gold-Silver Price crash: सोना और चांदी में बड़ी गिरावट, सोना 30% और चांदी 50% तक टूटी। मजबूत डॉलर और महंगे कच्चे तेल ने दबाव बढ़ाया। विशेषज्ञों ने गिरावट में धीरे-धीरे निवेश की सलाह दी।

Gold-Silver Price crash: सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट का दौर जारी है। निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के दबाव में बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई। घरेलू बाजार में एमसीएक्स पर सोने की कीमत करीब 6.5% गिरकर 135100 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, जबकि चांदी लगभग 9% टूटकर 206441 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुझान देखने को मिला। कॉमेक्स (Comex) पर सोना 2.47% गिरकर 4492 डॉलर प्रति औंस पर आ गया जबकि चांदी 4.78% गिरकर करीब 67 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड करती दिखी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गिरावट के दौरान कुछ ही घंटों में करीब 2 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट वैल्यू साफ हो गई।

गोल्ड अपने पीक से 30 फीसदी टूटा
अगर हालिया ट्रेंड देखें, तो सोना अपने पीक से करीब 30% टूट चुका है। 29 जनवरी 2026 को यह 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर था, जो अब काफी नीचे आ चुका है। वहीं चांदी भी अपने 4.39 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के हाई से 50% से ज्यादा गिर चुकी है।

मजबूत डॉलर के कारण गिरा गोल्ड
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें मानी जा रही हैं। डॉलर इंडेक्स मजबूत बना हुआ है, जबकि ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव के दौरान सोना सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत होता है, लेकिन इस बार डॉलर की मजबूती ने इसकी तेजी पर ब्रेक लगा दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल की गिरावट मुनाफावसूली, मजबूत डॉलर और ऊंचे ब्याज दर के माहौल का असर है। बाजार अभी हायर-फॉर-लॉन्गर यानी लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के संकेत को ध्यान में रख रहा है, जिससे सोने पर दबाव बना हुआ है।

हालांकि, जानकार इसे पूरी तरह नकारात्मक ट्रेंड नहीं मान रहे। उनका कहना है कि यह गिरावट एक करेक्शन है, न कि लंबे समय की गिरावट की शुरुआत। अनुमान है कि सोना आगे 1.32-1.33 लाख रुपये के स्तर तक जा सकता है, लेकिन वहीं से इसमें रिकवरी भी देखने को मिल सकती है। इसी तरह चांदी में भी गिरावट के बाद तेजी की संभावना जताई जा रही ।

निवेशकों के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों की सलाह है कि लंबी अवधि के निवेशक इस गिरावट को मौके के तौर पर देख सकते हैं। हालांकि, एक साथ बड़ा निवेश करने की बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रहेगा, क्योंकि बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। कुल मिलाकर, सोना-चांदी में आई यह गिरावट बाजार के उतार-चढ़ाव का हिस्सा है। निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है।

(प्रियंका कुमारी)

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