Bank Account Freeze: कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि अचानक बैंक अकाउंट फ्रीज हो जाता है। पैसे खाते में होते हैं, लेकिन न ट्रांसफर हो पाते हैं और न निकाले जा सकते हैं। ऐसे में घबराहट होना लाजमी है। लेकिन सच यह है कि अकाउंट फ्रीज होने के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं और हर कारण का समाधान भी अलग होता है। अगर सही कारण पता चल जाए तो ज्यादातर मामलों में समस्या जल्दी सुलझ जाती है।
सबसे पहले अपने बैंक ऐप को चेक करें। कई बार वहां छोटा सा नोट दिख जाता है जैसे 'डेबिट ब्लॉक' या 'कम्प्लायंस के कारण अकाउंट सीमित।' अगर ऐप से साफ जानकारी न मिले तो तुरंत कस्टमर केयर पर कॉल करें या शाखा में जाकर एक सीधा सवाल पूछें कि अकाउंट क्यों फ्रीज हुआ है और यह आंशिक है या पूरी तरह ब्लॉक। बैंक से कभी भी अस्पष्ट जवाब स्वीकार न करें। 'सिस्टम इश्यू' जैसे जवाब से काम नहीं चलेगा। उनसे साफ श्रेणी पूछें क्योंकि बैंक के पास यह जानकारी होती है।
भारत में अकाउंट फ्रीज होने का सबसे आम कारण केवाईसी से जुड़ा होता है। कई बार पता अपडेट न होना, आधार दोबारा सत्यापित न होना, पैन लिंकिंग की समस्या या सेल्फी अपडेट अधूरा रह जाना वजह बन जाता है। पुराने खाते भी नियम बदलने या दस्तावेजों की अवधि खत्म होने के कारण ब्लॉक हो सकते हैं।
अगर समस्या केवाईसी की है तो बैंक से साफ पूछें कि कौन-सा दस्तावेज चाहिए। बेवजह कई फाइलें जमा करने की जरूरत नहीं होती। जो मांगा गया है, वही दें। दस्तावेज देने के बाद अनफ्रीज होने का समय भी पूछ लें। आमतौर पर 2 से 5 वर्किंग डे लगते हैं। अगर ब्रांच कहे कि अपने आप अपडेट हो जाएगा तो उनसे लिखित में नोट करने को कहें।
कई बार अचानक बड़े लेनदेन के कारण भी बैंक अलर्ट जारी कर देता है। खासकर तब जब खाते में एक साथ बड़ी रकम आए या बार-बार बड़े ट्रांसफर हों। फ्रीलांसर, छोटे कारोबारी या एकमुश्त भुगतान पाने वाले लोग इसमें ज्यादा फंसते हैं। ऐसे में बैंक को साफ-साफ बताएं कि पैसा कहां से आया और किस लिए आया। जैसे सैलरी एरियर, प्रॉपर्टी बिक्री, परिवार से ट्रांसफर या बिजनेस पेमेंट। अगर दस्तावेज हों तो तुरंत साझा करें।
कभी-कभी मामला टैक्स नोटिस या अदालत के आदेश से भी जुड़ा होता है। ऐसे मामलों में बैंक खुद अकाउंट नहीं खोल सकता। पहले संबंधित विभाग से समस्या सुलझानी पड़ती है। अक्सर पूरा अकाउंट नहीं बल्कि विवादित रकम ही ब्लॉक होती है। अगर आपका मुख्य अकाउंट बंद है तो खर्च चलाने के लिए दूसरा अकाउंट इस्तेमाल करें। अगर पहले से दूसरा खाता है तो वही उपयोग में लाएं या अस्थायी रूप से आय किसी दूसरे खाते में मंगाएं।
अगर बैंक तय समय के बाद भी समस्या हल न करे तो पहले उसी बैंक के शिकायत चैनल में मामला उठाएं। जरूरत पड़ने पर बैंकिंग लोकपाल तक जा सकते हैं। याद रखें, अकाउंट फ्रीज होना सजा नहीं बल्कि एक प्रक्रिया होती है। सही जानकारी दें, समय पर जवाब दें और ज्यादातर मामलों में समस्या जल्दी सुलझ जाती है।
(प्रियंका कुमारी)










