Logo
Budh Vakri 2026: 26 फरवरी से 20 मार्च तक बुध की वक्री चाल। जानें मेष, कर्क और धनु राशि के लिए करियर, व्यापार और पैसों में क्या रहेंगे शुभ संकेत।

Budh Vakri 2026: 26 फरवरी 2026 से बुध ग्रह वक्री अवस्था में प्रवेश कर रहे हैं और यह स्थिति 20 मार्च 2026 तक रहेगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध बुद्धि, संवाद, व्यापार, गणना और निर्णय क्षमता का कारक है। ऐसे में इसकी चाल में बदलाव का असर विशेष रूप से करियर, कारोबार और वित्तीय मामलों पर देखा जाता है। इस अवधि में जहां कुछ लोगों को योजनाओं की समीक्षा और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, वहीं तीन राशियों के लिए यह समय प्रगति और राहत का संकेत दे सकता है।

मेष (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए वक्री बुध आत्मविश्वास और नए अवसरों का द्वार खोल सकता है। यदि आप व्यापार से जुड़े हैं, तो रुके हुए सौदे दोबारा सक्रिय हो सकते हैं या अचानक लाभ के संकेत मिल सकते हैं। लंबे समय से लंबित भुगतान की वसूली संभव है। नौकरीपेशा लोगों के लिए कार्यस्थल की उलझनें धीरे-धीरे सुलझ सकती हैं। वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद बेहतर होगा और नई जिम्मेदारी या पदोन्नति की संभावना बन सकती है।

कर्क (Cancer)
कर्क राशि के लिए यह चरण सकारात्मक परिणाम दे सकता है। पिछले समय में की गई मेहनत अब रंग ला सकती है। भाग्य का सहयोग मिलने से अटके कार्य पूरे होने लगेंगे। यदि आप साझेदारी में व्यवसाय करते हैं, तो तालमेल सुधरेगा और लाभ के योग बनेंगे। रुका हुआ कारोबार फिर गति पकड़ सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार दिखेगा और बचत पर ध्यान देने का अवसर मिलेगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और घर में सामंजस्य बना रहेगा।

धनु (Sagittarius)
धनु राशि वालों के लिए वक्री बुध राहत भरा समय ला सकता है। कर्ज का दबाव कम होने के संकेत हैं और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन रही है, जिससे आर्थिक संतुलन बेहतर होगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सकारात्मक समाचार मिल सकता है। इंटरव्यू या चयन प्रक्रिया में सफलता मिल सकती है। व्यापारियों के लिए भी नए अवसर सामने आ सकते हैं। यदि आप नई संपत्ति खरीदने या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो सोच-समझकर कदम उठाने पर लाभ संभव है। परिवार में शांति बनी रहेगी और स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। पुराने रोगों से राहत मिलने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है।

क्या रखें ध्यान?

  • वित्तीय निर्णय सोच-समझकर लें।
  • संवाद में स्पष्टता बनाए रखें।
  • अधूरे कार्यों को पूरा करने पर जोर दें।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।

5379487