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17 April 2026 Ka Panchang: यहां पढ़ें शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) बैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का पंचांग, शुभ मुहूर्त, तिथि शुभ योग; नक्षत्र और राहुकाल।

17 April 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज बैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है, जो सुबह 7 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।

पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि के साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग शाम 6 बजकर 20 मिनट तक रहेगा, जिससे पूरे दिन सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बना रहेगा। रेवती नक्षत्र दोपहर 2 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, जो यात्रा, पूजा और दान-पुण्य के कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। 

यह दिन विशेष रूप से स्नान, दान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तम है। मान्यता है कि अमावस्या पर किए गए दान और पितरों के निमित्त किए गए कार्यों से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, तो इस दिन का सर्वार्थसिद्धि योग उसे सफल बनाने में सहायक हो सकता है।

शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 25 मिनट से 5 बजकर 9 मिनट तक रहेगा, जो साधना और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय होता है। प्रातः संध्या 4:47 से 5:54 तक रहेगी। अभिजित मुहूर्त, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, 11:55 से 12:47 तक रहेगा। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 2:30 से 3:22 तक रहेगा, जो सफलता प्राप्त करने के लिए उत्तम समय है। शाम के समय गोधूलि मुहूर्त 6:47 से 7:09 तक रहेगा, जो विवाह और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल होता है। सायं संध्या 6:48 से 7:54 तक रहेगी। वहीं अमृत काल 9:50 से 11:18 तक रहेगा, जो अत्यंत शुभ माना जाता है।

राहुकाल 
राहुकाल की बात करें तो यह समय किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है। भोपाल में राहुकाल सुबह 10:44 से दोपहर 12:20 तक रहेगा। अन्य प्रमुख शहरों में भी लगभग इसी समयावधि में राहुकाल रहेगा, इसलिए इस दौरान महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय सुबह 5:54 बजे और सूर्यास्त शाम 6:48 बजे होगा, जिससे दिन की कुल अवधि संतुलित और अनुकूल बनी रहेगी।

कुल मिलाकर, 17 अप्रैल 2026 का दिन आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और नए कार्यों की शुरुआत के लिए विशेष रूप से शुभ है। अमावस्या और सर्वार्थसिद्धि योग का यह दुर्लभ संयोग जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर प्रदान करता है।

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