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5 April 2026 Ka Panchang: यहां पढ़ें रविवार (5 अप्रैल 2026) बैसाख माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि का पंचांग, शुभ मुहूर्त, तिथि शुभ योग; नक्षत्र और राहुकाल।

5 April 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 5 अप्रैल 2026, रविवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज बैशाख माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो दोपहर 12 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।

आज संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत भी है। जो भगवान गणेश को समर्पित यह व्रत संकटों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए किया जाता है। श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखकर रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलते हैं।

ग्रह-नक्षत्र
ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति पर नजर डालें तो 05 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 44 मिनट तक वज्र योग रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में वज्र योग को कठोर और सावधानी बरतने वाला योग माना जाता है, इसलिए इस समय में महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। वहीं, विशाखा नक्षत्र रात 12 बजकर 8 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जो लक्ष्य प्राप्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है।

शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त की बात करें तो दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से होगी, जो सुबह 4:56 से 5:43 तक रहेगा।** यह समय ध्यान, जप और योग के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है। इसके बाद प्रातः संध्या का समय सुबह 5:20 से 6:29 तक रहेगा। दोपहर में अभिजित मुहूर्त 12:16 से 1:06 तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 2:45 से 3:35 तक रहेगा, जो सफलता प्राप्ति के लिए अनुकूल है। शाम के समय गोधूलि मुहूर्त 6:52 से 7:15 तक रहेगा, जो पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

राहुकाल
राहुकाल की बात करें तो विभिन्न शहरों में इसका समय अलग-अलग रहेगा। दिल्ली में यह शाम 5:07 से 6:41 तक रहेगा, जबकि मुंबई में 5:20 से 6:53 तक। लखनऊ में राहुकाल 4:51 से 6:25 तक और भोपाल में 5:04 से 6:37 तक रहेगा। इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।

सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय सुबह 6:06 बजे और सूर्यास्त शाम 6:40 बजे होगा, जिससे दिन की कुल अवधि संतुलित रहेगी। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो धार्मिक अनुष्ठान, व्रत और आध्यात्मिक साधना में रुचि रखते हैं।

5 अप्रैल 2026 का दिन व्रत, संयम और आध्यात्मिक उन्नति के लिए उपयुक्त है। उचित समय का ध्यान रखते हुए यदि पूजा और कार्य किए जाएं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव जीवन में देखा जा सकता है।

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