MP कैबिनेट का फैसला: मोहन सरकार ने 2 सिंचाई परियोजनाओं समेत 30 हजार करोड़ से ज्यादा योजनाओं को दी मंजूरी
मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में मोहन यादव सरकार ने बुरहानपुर की दो सिंचाई परियोजनाओं, पीएम जनमन और ग्रामीण सड़क योजनाओं के लिए 30 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी।
MP Cabinet Meeting: सिंचाई और ग्रामीण विकास को मिली नई रफ्तार, हजारों करोड़ की योजनाएं मंजूर
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई गति देने के लिए एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में सिंचाई परियोजनाओं से लेकर ग्रामीण सड़कों और विशेष जनजातीय योजनाओं तक कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर खेती, आवागमन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला है।
बुरहानपुर की सिंचाई परियोजनाओं को मिली ऐतिहासिक मंजूरी
बैठक में बुरहानपुर जिले की दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। खकनार तहसील की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 922 करोड़ 91 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना से क्षेत्र के 42 गांवों की लगभग 17 हजार 700 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे 11 हजार 800 से अधिक किसान परिवारों को सीधा लाभ होगा। वहीं नेपानगर तहसील की नावथा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,676 करोड़ 6 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से 90 गांवों की 34 हजार 100 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और करीब 22 हजार 600 कृषक परिवारों की कृषि आय में बढ़ोतरी का रास्ता खुलेगा।
पीएम जनमन योजना को मिली निरंतरता
सरकार ने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान यानी पीएम जनमन योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इस अवधि में लगभग 795 करोड़ 45 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत 22 जिलों में विशेष जनजातियों बैगा, भारिया और सहरिया के लिए 1,039 किलोमीटर सड़कों और 112 पुलों का निर्माण किया जाएगा, जिससे दूरस्थ आदिवासी इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
ग्रामीण सड़कों के निर्माण और नवीनीकरण पर बड़ा निवेश
मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की भी स्वीकृति दी है। इस योजना पर करीब 17,196 करोड़ 21 लाख रुपये खर्च होंगे और इसके अंतर्गत 20 हजार किलोमीटर सड़कों तथा 1,200 पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही पहले से बनी ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन के लिए 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे 88 हजार 517 किलोमीटर मार्गों को बेहतर बनाया जाएगा।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए नया वित्तीय मॉडल
बैठक में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत चल रही सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषण की स्वीकृति भी दी गई। इस मॉडल के तहत परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्राप्त राजस्व कंपनी की आय के रूप में लिया जाएगा। वर्तमान में नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना और बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना इसी व्यवस्था के तहत संचालित हो रही हैं।
ई-कैबिनेट की ओर एक और कदम
बैठक के दौरान मंत्रि-परिषद के सदस्यों और उनके प्रभारसाधक सचिवों को ई-कैबिनेट प्रणाली के लिए टैबलेट वितरित किए गए और उनका प्रशिक्षण भी कराया गया। इससे शासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, तेज और डिजिटल बनाने में मदद मिलेगी।
इन फैसलों के जरिए मध्य प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दिया है कि राज्य में कृषि, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे को प्राथमिकता देते हुए विकास की रफ्तार को और तेज किया जाएगा।