Blue Whale Game: ब्लू व्हेल गेम बना जानलेवा, भोपाल में आठवीं के छात्र की संदिग्ध मौत से हड़कंप

Blue Whale Game: भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में आठवीं के छात्र की संदिग्ध मौत। शुरुआती जांच में ब्लू व्हेल गेम से जुड़े टास्क की आशंका, पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी।

By :  Desk
Updated On 2026-02-03 17:36:00 IST

भोपाल में मासूम की संदिग्ध मौत: ब्लू व्हेल गेम की लत से जुड़ा मामला? (Image-AI)

गुरजीत कौर की रिपोर्ट: राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। छात्र का शव उसके ही घर में फंदे से लटका मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि मामला ब्लू व्हेल गेम से जुड़ा हो सकता है।

घर में अकेला था छात्र

मृतक छात्र की पहचान अंश साहू (पिता नितिन साहू) के रूप में हुई है। वह श्रीराम कॉलोनी, छत्रसाल नगर का रहने वाला था। परिजनों के मुताबिक, अंश के माता-पिता एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं। नाना की तेरहवीं के कार्यक्रम में पूरा परिवार गया हुआ था, जबकि अंश घर पर अकेला था।

दरवाजा तोड़ने पर सामने आया दिल दहला देने वाला दृश्य

बताया गया कि जब परिजन अंश को लेने वापस आए तो घर अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। घबराए परिजनों ने आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा। दरवाजा खुलते ही सभी सन्न रह गए। अंश का शव फंदे से लटका हुआ था।

अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित

परिजन तत्काल अंश को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

ब्लू व्हेल गेम की लत की आशंका

पुलिस पूछताछ में परिजनों ने बताया कि अंश ब्लू व्हेल गेम खेलता था और उसे इस गेम की लत लग चुकी थी। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि गेम से जुड़े किसी टास्क को पूरा न कर पाने के कारण उसने यह कदम उठाया। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हर पहलू से जांच की जा रही है।

पुलिस जांच जारी, ऑनलाइन गेम्स पर फिर सवाल

पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। गौरतलब है कि ब्लू व्हेल जैसे खतरनाक ऑनलाइन गेम पहले भी कई बच्चों और युवाओं की जान ले चुके हैं। बैन होने के बावजूद ये गेम अलग-अलग नामों और तरीकों से ऑनलाइन उपलब्ध हो जाते हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

यह घटना एक बार फिर बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर निगरानी और डिजिटल जागरूकता की जरूरत को उजागर करती है। अभिभावकों और स्कूलों को मिलकर ऐसे खतरनाक गेम्स के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।

Tags:    

Similar News