रिश्तों का कत्ल: करनाल में दादा-दादी का हत्यारा निकला सगा पोता, लालच में ली जान
वारदात की रात पोता अपने दो साथियों के साथ घर में घुसा। बुजुर्ग दंपती के हाथ-पैर बांध दिए। हत्या के बाद आरोपियों ने शवों के मुंह पर टेप लगा दी और फरार हो गए।
करनाल के असंध में हुई हरि सिंह और उनकी पत्नी लीला की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस दोहरे हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि उनका अपना पोता रविंद्र निकला। रविंद्र को यह गलतफहमी थी कि कबाड़ का व्यापार करने वाले उसके दादा-दादी के पास काफी पैसा और धन-दौलत जमा है। इसी संपत्ति को हासिल करने के लालच में उसने अपने दो साथियों प्रदीप और गुलशन के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
दादी की आखिरी पुकार
पुलिस की जांच में सामने आया है कि वारदात के समय तीनों आरोपियों ने चेहरे ढके हुए थे। जब रविंद्र अपनी दादी लीला देवी का गला दबा रहा था तो दम घुटने के दौरान दादी ने अपने पोते रविंद्र को ही मदद के लिए पुकारा।
चूंकि रविंद्र पड़ोस में ही रहता था इसलिए दादी को लगा कि शोर सुनकर शायद उनका पोता उन्हें बचाने आएगा। उन्हें इस बात का जरा भी अहसास नहीं था कि उनके चेहरे पर जो हाथ मौत बनकर लिपटे हैं, वे उनके अपने पोते के ही हैं। चेहरे ढके होने के कारण लीला अपने पोते को पहचान नहीं पाई और तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
दोनों को गला दबाकर मौत के घाट उतारा
11 जनवरी की रात को रविंद्र अपने साथी प्रदीप और उसके चाचा गुलशन के साथ दादा हरि सिंह के घर में दाखिल हुआ। सबसे पहले आरोपियों ने बुजुर्ग दंपती को बेबस करने के लिए उनके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद रविंद्र ने एक-एक करके दोनों का गला दबाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
40 सालों से असंध में रह रहा था बुजुर्ग दंपति
80 वर्षीय हरि सिंह और उनकी 75 वर्षीय पत्नी लीला पिछले 40 सालों से असंध में रह रहे थे। हरि सिंह पूर्व नंबरदार थे और वर्तमान में कबाड़ का व्यवसाय करते थे। उनके दो बेटे हैं एक बेटा गुलाब रत्तक रोड पर रहता है, जबकि दूसरा बेटा बंसी हरि सिंह के घर के पास ही निवास करता है।
इस घटना का पता सोमवार सुबह उस समय चला जब उनका दूसरा पोता रोहित घर पहुंचा। रोहित अक्सर अपने दादा के साथ काम में हाथ बंटाता था। सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे जब वह घर आया, तो उसने देखा कि कुंडा लगा हुआ था। अंदर जाने पर कमरे का सारा सामान बिखरा हुआ था और बेड के पास उसके दादा-दादी की लाशें पड़ी थीं। उनके शरीर अकड़ चुके थे और हाथ-पांव बंधे हुए थे।
पुलिस को पोते पर शक हुआ
घटना की सूचना मिलते ही असंध के डीएसपी और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से सबूत जुटाए गए। परिजनों के बयान और संदिग्धों की गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने रविंद्र की भूमिका पर शक किया। कड़ाई से पूछताछ करने पर रविंद्र टूट गया और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी रविंद्र समेत प्रदीप और गुलशन को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी गोरखपाल राणा इस पूरे मामले की प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक पुष्टि करेंगे।
रातों-रात अमीर बनने की चाहत में बना अंधा
यह घटना दर्शाती है कि नशे की लत या रातों-रात अमीर बनने की चाहत किस कदर युवाओं को अंधा बना रही है। मृतकों के एक अन्य पोते नितिन ने बताया कि उनके परिवार का किसी से कोई मनमुटाव नहीं था। घर की हालत देखकर साफ था कि आरोपियों ने चोरी की नियत से संदूक और अलमारियों को खंगाला था। बुजुर्ग दंपती, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी मेहनत कर परिवार को खड़ा किया, उन्हें अपनों के ही हाथों ऐसी क्रूर मौत मिलेगी, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।