केजरीवाल की बड़ी जीत: ED के दो केसों में कोर्ट ने किया बाइज्जत बरी, 'आप' संयोजक बोले- सत्यमेव जयते
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को बड़ी न्यायिक राहत दी है। फैसले के तुरंत बाद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा आप भी पढ़िए...
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल।
आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए शुक्रवार का दिन संजीवनी बनकर आया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाकर 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत दी है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर उन दो मामलों में केजरीवाल को बरी कर दिया है, जो समन की कथित अनदेखी से जुड़े थे।
आरोप न्यायिक कसौटी पर खरे नहीं उतरे
एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पारस दलाल की बेंच ने इस मामले की सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुनाया। कोर्ट ने पाया कि ईडी की ओर से समन के उल्लंघन को लेकर लगाए गए आरोप न्यायिक कसौटी पर खरे नहीं उतरे। इस फैसले के तुरंत बाद अरविंद केजरीवाल ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में सोशल मीडिया पर केवल "सत्यमेव जयते" लिखकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। यह दो शब्द न केवल उनकी खुशी को दर्शाते हैं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था में उनके अटूट विश्वास की पुष्टि भी करते हैं।
'आप' इसे शुरू से ही राजनीतिक षड्यंत्र बता रही थी
आम आदमी पार्टी इस कानूनी लड़ाई को शुरू से ही "राजनीतिक षड्यंत्र" करार देती रही है। पार्टी का आरोप था कि केंद्र सरकार की एजेंसियां विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही हैं। अदालत के इस निर्णय ने पार्टी के इन दावों को एक नैतिक आधार प्रदान किया है। फैसले से स्पष्ट हो गया है कि कानून की नजर में केवल तथ्यों और सबूतों की अहमियत होती है, राजनीतिक दबाव की नहीं।
कानूनी राहत के साथ बड़ी वैचारिक जीत
यह फैसला आम आदमी पार्टी के लिए केवल एक कानूनी राहत मात्र नहीं है, बल्कि एक बड़ी वैचारिक जीत भी है। पार्टी नेतृत्व ने हमेशा शिक्षा, स्वास्थ्य और पारदर्शिता को अपनी राजनीति का केंद्र बनाया है। इस जीत के बाद पार्टी का मनोबल बढ़ा है और वह अब और अधिक मजबूती के साथ जनता के बीच अपनी "ईमानदार छवि" को पेश कर सकेगी।
यह जीत आगामी राजनीतिक सफर में मजबूत ढाल का काम करेगी
कुल मिलाकर, दिल्ली कोर्ट का यह निर्णय भारतीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। यह साबित करता है कि जनता के मुद्दों पर आधारित और ईमानदारी से की गई राजनीति को किसी भी दबाव में कुचला नहीं जा सकता। अरविंद केजरीवाल के लिए यह जीत उनके आगामी राजनीतिक सफर में एक मजबूत ढाल का काम करेगी और विरोधियों के उन आरोपों को धराशायी करेगी जो उन्हें कानूनी शिकंजे में कसने का दावा करते थे।