मौसम का 'महा-अलर्ट': 27 जनवरी तक 9 राज्यों में बारिश और तूफान का तांडव, ठिठुरन से कांपेंगे 17 शहर
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे 27 जनवरी तक सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव से बचें, क्योंकि बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है।
27 जनवरी की शाम तक आसमान साफ होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 23 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक के लिए देश के कई राज्यों में 'वेदर इमरजेंसी' जैसी स्थिति का अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-NCR समेत उत्तर और मध्य भारत के 9 राज्यों में भीषण बारिश, ओलावृष्टि और तूफान की आशंका है। इसके साथ ही, पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण 17 शहरों में कड़ाके की शीतलहर चलने की चेतावनी दी गई है।
अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बेहद सख्त रहने वाला है, जिससे जनजीवन और फसलों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
5 दिनों तक जारी रहेगा कुदरत का कहर
मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में यह बदलाव केवल आज तक सीमित नहीं रहेगा। 23 जनवरी से शुरू हुआ बारिश और गरज-चमक का यह सिलसिला 24, 25, 26 और 27 जनवरी तक रुक-रुक कर जारी रहेगा।
विशेष रूप से गणतंत्र दिवस के आसपास उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
9 राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि और 17 शहरों में 'ऑरेंज अलर्ट'
IMD ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे 9 राज्यों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज ओलावृष्टि की भी संभावना है।
वहीं, शीतलहर की बात करें तो उत्तर भारत के 17 प्रमुख शहरों में पारा सामान्य से 4 से 6 डिग्री नीचे गिर सकता है। इन शहरों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि प्रशासन और जनता को खराब मौसम के लिए तैयार रहना चाहिए।
दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में ठिठुरन बढ़ी
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में आज सुबह से ही बादलों का डेरा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में दिल्ली में तेज बारिश के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
लगातार होने वाली बारिश और धूप न निकलने के कारण 'कोल्ड डे' जैसी स्थिति बनी रहेगी, जिससे दिन के समय भी कड़ाके की ठंड का अहसास होगा।
27 जनवरी के बाद ही मिलेगी राहत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसमी बदलाव एक के बाद एक आ रहे दो पश्चिमी विक्षोभों के कारण है। 27 जनवरी की शाम तक आसमान साफ होने की उम्मीद है।
इस लंबी अवधि की बारिश के कारण वायु प्रदूषण (AQI) में तो सुधार होगा, लेकिन विजिबिलिटी कम होने से ट्रेनों और उड़ानों के संचालन में देरी हो सकती है। प्रशासन ने स्थानीय निकायों को जलजमाव और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी स्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।