Delhi Blast: दिल्ली धमाके में फरार आतंकी मुजफ्फर राथर के खिलाफ शिकंजा, इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस होगा जारी

Delhi Blast: दिल्ली धमाका मामले में फरार चल रहे आतंकी मुजफ्फर राथर के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाएगा।

Updated On 2026-01-26 11:38:00 IST

दिल्ली ब्लास्ट में फरार आतंकी मुजफ्फर अहमद राथर के खिलाफ नोटिस जारी होगा। 

Delhi Blast: दिल्ली में पिछले साल लाल किला के पास 10 नवंबर को हुए धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस धमाके में बहुत से लोगों की मौत हो चुकी थी, वहीं कई लोग घायल भी हुए थे। इस पूरे मामले में 'सफेदपोश' आतंकी मॉड्यूल सामने आया था। लाल किला के पास एक कार के माध्यम से इस धमाके को अंजाम दिया गया था। अब इस मामले में फरार आतंकी मुजफ्फर अहमद राथर के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी मुजफ्फर अहमद राथर पर आरोप है कि उसने दिल्ली में सह-साजिशकर्ता के तौर पर काम किया जा सकता है। धमाके के लिए उसने अफगानिस्तान से रसद सहायता और पैसा मुहैया कराया था। ऐसे में बहुत जल्द राथर के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा सकता है।

NIA ने घोषित किया भगोड़ा 

आतंकी राथर को पहले ही NIA की एक विशेष अदालत ने भगोड़ा अपराधी घोषित कर चुकी है। ऐसे में अब राथर के खिलाफ इंटरपोल का नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। मुजफ्फर अहमद राथर ने डॉक्टर उमर उन नबी को रसद, वित्तपोषण, संचार और योजना बनाने में उसकी मदद की थी।

अफगानिस्तान में छिपा हो सकता है राथर

अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि धमाके मे राथर साजिशकर्ता के तौर पर काम किया है। राथर ने भारत से भागने के बाद विदेश से हमले की साजिश रची थी। अधिकारियों की तरफ से संभावना जताई गई है कि राथर अफगानिस्तान में छिपा हो सकता है, हालांकि अब तक उसकी सटीक लोकेशन के बारे में पता नहीं लग पाया है। अधिकारियों का आरोप है कि राथर आतंकवादियों के साथ लगातार संपर्क में रहे, इसके अलावा बम बनाने धमाके की पूरी रणनीति बनाई है।

अल फलाह यूनिवर्सटी में पढ़ाते थे आतंकी

अधिकारियों के मुताबिक, जब व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल में गिरफ्तार दूसरे आरोपियों से पूछताछ की गई तो पता लगा कि राथर ने आतंकी मॉड्यूल के लिए पैसे का इंतजाम किया। इसके साथ ही राथर ने आतंकी साजिश के वित्तीय कोष में करीब 6 लाख रुपये दिए थे।

बता दें कि इस पूरे मामले में फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सटी का नाम भी सामने आया है, जिसमें आतंकी डॉक्टर राथर, उमर और गनाई, पढ़ाते थे। सभी आरोपियों ने मिलकर भारी मात्रा में रसायन जमा करना शुरू कर दिया, जिसमें 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर शामिल थे, जिसे ज्यादातर विश्वविद्यालय परिसर के पास इकट्ठा किया गया था।

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