Delhi Excise Department: दिल्ली आबकारी विभाग देसी शराब के लिए जारी करेगा थोक लाइसेंस, पढ़ें डिटेल

Delhi Excise Department: दिल्ली आबकारी विभाग ने देसी शराब के लिए थोक लाइसेंस जारी करने का फैसला किया है, इसके लिए विभाग ने आवेदन मांगे हैं।

Updated On 2026-01-31 12:09:00 IST

 दिल्ली आबकारी विभाग देसी शराब के लिए थोक लाइसेंस जारी करेगा। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Delhi Excise Department: दिल्ली के आबकारी विभाग ने राजधानी में देशी शराब सप्लाई के थोक लाइसेंस देने के लिए आवेदन की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि यह लाइसेंस 2026 से 1 अप्रैल से लेकर 31 मार्च, 2027 तक वैलिड रहेंगे, जिसमें सीमित एक्सटेंशन का प्रावधान रहेगा।जो इच्छुक लोग आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें तय समय के भीतर आवेदन जमा करना होगा, वहीं सभी नियमों और शर्तों का पालन करना जरूरी है। यह प्रक्रिया नई एक्साइज पॉलिसी लागू होने से पहले होने वाली पहली लाइसेंसिंग प्रक्रिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि 2026-27 आबकारी साल के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नए नियम के तहत पूरी दिल्ली में सरकार द्वारा चलाई जा रही रिटेल दुकानों को थोक सप्लाई शामिल होगी। केंद्र या किसी भी राज्य सरकार से लाइसेंस प्राप्त योग्य डिस्टिलरी और बॉटलिंग प्लांट L-3 लाइसेंस के लिए  आवेदन कर सकते हैं,

इसके तहत बॉन्डेड वेयरहाउस चलाने के लिए जरूरी L-33 लाइसेंस के साथ देशी शराब की थोक सप्लाई की परमिशन देता है। अधिकारी का कहना है कि, 'एजेंसियों को 750 ML, 375 ML और 180 ML की कांच की बोतलों में 3:4:3 के तय अनुपात में शराब सप्लाई करनी होगी। साल के लिए अनुमानित कुल शराब की मात्रा लगभग 300 लाख लीटर है, जिसमें 25% तक का बदलाव हो सकता है।'

टाइमलाइन तय की गई

थोक विक्रता को कुल सप्लाई का 33 फीसदी से ज्यादा हिस्सा नहीं दिया जाएगा, ताकि सप्लाई किसी एक कंपनी के पास जमा न हो। आबकारी विभाग ने रिटेल आउटलेट्स पर बिना किसी रुकावट के सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए क्वालिटी स्टैंडर्ड, लेबलिंग नियम, बारकोड की जरूरतें और हर महीने सप्लाई के लिए टाइमलाइन को तय किया है।

दूसरी कैटेगरी के लिए भी होगी प्रक्रिया शुरू 

अधिकारियों का कहना है कि आवेदन केवल देशी शराब के लिए मांगे गए हैं, लेकिन नई एक्साइज पॉलिसी के औपचारिक रूप से नोटिफाई होने के बाद इंडियन-मेड फॉरेन लिकर (IMFL) और विदेशी शराब जैसी दूसरी कैटेगरी के लिए भी इसी तरह की आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का यह भी कहना है कि दिल्ली कैबिनेट ने पिछली बैठक के दौरान लाइसेंस जारी करने की दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया था, जिसके बाद यह आवेदन मांगे गए हैं।

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