Noida Municipal Corporation: दिल्ली की तर्ज पर नोएडा में बनेगा नगर निगम, योगी सरकार का प्लान

Noida Municipal Corporation: राजधानी दिल्ली का अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के सबसे अमीर शहर नोएडा में मेट्रोपॉलिटन कॉरपोरेशन बनाने का प्लान बना रही है।

Updated On 2026-01-30 19:50:00 IST

नोएडा में होगा नगर निगम का गठन योगी सरकार बना रही है प्लान

Noida Municipal Corporation: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नोएडा को दिल्ली की तरह एक मेट्रोपॉलिटन कॉरपोरेशन बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लिया गया है, जिससे शहर की शासन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। अब नोएडा में चुने हुए मेयर और पार्षद होंगे, जो नागरिकों की समस्याओं को सीधे संबोधित करेंगे। यह योजना नोएडा को अधिक पारदर्शी और जवाबदेही बनाने का प्रयास है।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने 13 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि नोएडा प्राधिकरण को एक महानगर निगम में बदलने पर विचार किया जाए। अदालत का मानना है कि नोएडा भारत का एकमात्र बड़ा शहर है जहां कोई चुनी हुई स्थानीय सरकार नहीं है। वर्तमान में शहर न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा अथॉरिटी) के अधीन चलता है, जो उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम 1976 के तहत स्थापित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इसे अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने की जरूरत बताई, ताकि निवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस निर्देश के बाद सरकार ने इस पर गंभीरता से काम शुरू किया।

योगी कैबिनेट की बैठक

हाल ही में योगी कैबिनेट की बैठक में नोएडा को नगर निगम बनाने पर चर्चा हुई और प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। यह फैसला 2026 की शुरुआत में लिया गया, जो नोएडा वासियों के लिए एक बड़ा तोहफा माना जा रहा है। कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए इस योजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। अब नोएडा अथॉरिटी के कई काम नगर निगम के पास चले जाएंगे, जैसे सफाई, पानी, सड़क और पार्कों का रखरखाव। इससे प्राधिकरण के अधिकारों में कुछ कटौती होगी, लेकिन शहर का विकास अधिक लोकतांत्रिक तरीके से होगा।

शहर में आएंगे ये बदलाव

नगर निगम बनने से नोएडा में मेयर और सभासदों का चुनाव होगा, जो दिल्ली नगर निगम की तरह काम करेंगे। इससे नागरिक सुविधाओं में सुधार आएगा, जैसे बेहतर कचरा प्रबंधन, जल आपूर्ति और यातायात व्यवस्था। प्राधिकरण अब मुख्य रूप से औद्योगिक विकास पर ध्यान देगा, जबकि दैनिक काम निगम संभालेगा। यह बदलाव नोएडा को अधिक आधुनिक और निवासी-अनुकूल बनाएगा, जहां लोगों की आवाज सीधे शासन तक पहुंचेगी।

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