26 January 2026: ना कम... ना ज्यादा, गणतंत्र दिवस पर 21 तोपों की सलामी इतने समय में होनी चाहिए पूरी
देश की राजधानी दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां धूमधाम से चल रही हैं। आप जानते हैं कि गणतंत्र दिवस पर 21 तोपों की सलामी दी जाती है। क्या आप जानते हैं कि यह प्रक्रिया कितने समय में पूरी हो जानी चाहिए। अगर नहीं तो पढ़िये ये रिपोर्ट...
गणतंत्र दिवस पर 21 तोपों की सलामी की फाइल फोटो।
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां धूमधाम से चल रही है। इस कड़ाके की सर्दी में भी भारतीय सेना के वीर जवान गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल कर रहे हैं। साथ ही, भारतीय सेना अपने आधुनिक हथियारों को कर्तव्य पथ पर स्थानांतरित कर रही है। इसी कड़ी में स्वदेशी तोपों को भी स्थानांतरित कर दिया गया है। क्या आप जानते हैं कि 21 तोपों की सलामी कितने समय में पूरी होनी चाहिए। अगर जानकारी नहीं तो चलिये बताते हैं कि आजादी के समय से चली आ रही इस परंपरा को पूरा करने के लिए कितना समय तय किया गया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में मेजर पवन सिंह शेखावत ने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर 21 तोपों की सलामी देना लिए गौरव का क्षण है। हमने तोपों को कर्तव्य पथ पर स्थानांतरित किया और पूर्वाभ्यास में भाग लिया। हमने स्वदेशी हथियार अभियान के तहत 2023 के बाद स्वदेशी तोपों को अपनाया। यह 105 मिमी की हल्की फील्ड गन है। उन्होंने बताया कि इसकी मारक क्षमता 17.2 किलोमीटर है। यह एक मिनट में 6 गोले दाग सकती है। वजन में इतनी हल्की होती है कि इसे हेलीकॉप्टर से भी ले जाया जा सकता है।
उन्होंने समयावधि के बारे में बताते हुए कहा कि 21 तोपों की सलामी एक समयबद्ध प्रक्रिया है, जो राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रपति के अंगरक्षकों द्वारा सलामी देने और राष्ट्रगान गाने के साथ-साथ होती है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया को 52 सेकंड के भीतर पूरा करना होता है।
गणतंत्र दिवस के लिए हो रही तैयारियां
गणतंत्र दिवस की परेड देखने के लिए आने वाले लोगों की सुविधा के लिए खास व्यवस्थाएं की जा रही हैं। गणतंत्र दिवस पर मेट्रो सेवा सुबह 3 बजे से शुरू हो जाएगी। वहीं कुल 22 पार्किंग जोन बनाए गए हैं, जहां 8000 गाड़ियां खड़ी की जा सकती हैं। इसके अलावा हेल्प डेस्क भी बनाए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से भी कई बेहतरीन व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न झेलनी पड़े। यही नहीं गणतंत्र दिवस परेड के चलते वाहन चालकों को दिक्कत न आए, इसके लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।