वेयरहाउस में हादसा: चने की बोरियों में दबकर दो बच्चों की मौत
शहर से दो किलोमीटर दूर धौराभाठा (सिद्धबाबा) स्थित एक वेयरहाउस में मंगलवार को एक हृदय विदारक हादसा हो गया।
वेयरहाउस में हादसा
भाटापारा। शहर से दो किलोमीटर दूर धौराभाठा (सिद्धबाबा) स्थित एक वेयरहाउस में मंगलवार को एक हृदय विदारक हादसा हो गया। चने की बोरियों की छल्ली अचानक भरभराकर गिरने से उसके नीचे दबकर दो सगे मासूम भाई-बहनों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले के बेलहगना (कोटा) की रहने वाली फगनी पटेल धौराभाठा स्थित बंशीगोपाल वेयरहाउस में साफ-सफाई का काम कर अपना साफ-सफाई का काम कर अपना और अपने बच्चों का जीवनयापन कर रही थी। मंगलवार को जब वह काम कर रही थी, तब उसकी बेटी प्रतिमा पटेल 6 वर्ष और बेटा अखिलेश पटेल 5 वर्ष पास में ही खेल रहे थे। खेलते-खेलते दोनों बच्चे चने की ऊंची छल्ली के पास पहुंच गए, जो अचानक उनके ऊपर गिर गई।
वेयरहाउस प्रबंधन की भूमिका की जांच पड़ताल कर रही पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी एचएस सिदार के निर्देशन में एसडीओपी तारेश साहू और ग्रामीण थाना टी आई हेमंत पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना के बाद बड़ा सवाल उठ रहा है कि भारी-भरकम बोरियों की छल्ली किन परिस्थितियों में धसकी और क्या वहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी? पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और वेयरहाउस प्रबंधन की भूमिका समेत मामले की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है।
मामले की जांच की जा रही
एसडीओपी तारेश साहू ने बताया कि, मामले की जांच की जा रही है कि छल्ली कैसे धसकी। बच्चों की मौत अत्यंत दुखद है, पुलिस हर पहलू पर बारीकी से जांच की जा रही है।
मां का रो-रोकर बुरा हाल
छल्ली गिरने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। गंभीर रूप से घायल दोनों बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृत बच्चों के पिता का पहले ही निधन हो चुका है, ऐसे में बेसहारा मां के सामने उसकी आंखों के तारे भी छिन गए। मां फगनी का रो-रोकर बुरा हाल है और उसकी स्थिति देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई।