सुकमा में आयोजित हुआ 'बस्तर पंडुम': बस्तर कमिश्नर की मौजूदगी में हुआ भव्य आयोजन, 11 अभ्यर्थियों को वितरित किए गए नियुक्ति पत्र
सुकमा में बस्तर पंडुम-2026 जिला स्तरीय कार्यक्रम मिनी स्टेडियम में आयोजित किया गया। बस्तर की संस्कृति के बारे में लोगों को अवगत करवाया गया।
11 अभ्यर्थियों को वितरित किए गए नियुक्ति पत्र
लीलाधर राठी- सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा में बस्तर पंडुम-2026 जिला स्तरीय कार्यक्रम बुधवार को मिनी स्टेडियम में भव्य और भावनात्मक माहौल में संपन्न हुआ। बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस आयोजन ने बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा, परंपरा और जीवंत विरासत को एक मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। 12 विधाओं में आयोजित प्रतियोगिताओं में लोकनृत्य, गीत-संगीत, नाट्यकला, वेशभूषा, आभूषण, शिल्प, पारंपरिक व्यंजन एवं पेय पदार्थों ने दर्शकों को बस्तर की जड़ों से जोड़ दिया।
कार्यक्रम में आदिवासी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि बस्तर केवल भूगोल नहीं, बल्कि जीवित संस्कृति है। पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और रीति-रिवाजों के प्रदर्शन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मुख्य अतिथि एवं अतिथियों द्वारा विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर स्थानीय हस्तशिल्प और खानपान की सराहना करना, प्रशासन की जमीनी जुड़ाव की भावना को दर्शाता है। महिला आयोग सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने बस्तर पंडुम को जनजातीय पहचान को सहेजने की ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि अपनी संस्कृति को बचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
11 अभ्यर्थियों को दिया गया नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम प्रशासनिक संवेदनशीलता और विकास की सोच का भी सशक्त उदाहरण बना। मंच से स्वास्थ्य विभाग में चयनित 11 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित कर दूरस्थ नियद क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने का स्पष्ट संदेश दिया गया। वहीं शिक्षित युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन और डिस्ट्रिक्ट मैनेजमेंट सर्विस के साथ एमओयू किया गया, जो युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि बस्तर पंडुम केवल उत्सव नहीं, बल्कि प्रतिभाओं को पहचान और आगे बढ़ने का अवसर देने का माध्यम है। हमारे लिए गर्व की बात है कि बस्तर पंडूम के विजयी प्रतिभागी आगामी दिनों संभागस्तरीय बस्तर पंडूम कार्यक्रम जगदलपुर में भाग लेंगे। नीति आयोग द्वारा संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ किया जा रहा है और आज ही मंच से स्वास्थ्य विभाग में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र का वितरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इनकी नियुक्ति दूरस्थ नियद क्षेत्रों में की गई है। इसके साथ ही शिक्षित युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लाइवलीहुड कालेज के माध्यम से एक एमओयू भी किया जा रहा है। आप सभी का कार्यक्रम में शामिल होने के लिए धन्यवाद।
संभागायुक्त ने अपने अनुभव किए साझा
बस्तर संभागायुक्त डोमन सिंह ने अपने तीन दशकों के प्रशासनिक अनुभव को साझा करते हुए यहाँ की जनजातीय संस्कृति, वेशभूषा और ग्रामीणों की सहजता को बस्तर की असली पूंजी बताया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बस्तर की पावन धरा पर सेवा का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। श्री सिंह ने जोर देकर कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी जड़ों और रीति-रिवाजों से जुड़े रहना अनिवार्य है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को यह अनमोल विरासत गौरव के साथ सौंपी जा सके।
बस्तर पंडूम सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक- धनीराम बारसे
वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे ने बस्तर पंडूम को सामाजिक जागरूकता और प्रकृति पूजन से जोड़ते हुए बस्तर की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में जनजातीय समाज, समाज प्रमुखों और नागरिकों का उत्साह यह दर्शाता है कि शासन और प्रशासन की पहल को जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है। 12 विधाओं के प्रथम पुरस्कार विजेताओं को 20-20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। बस्तर पंडुम-2026 ने यह साबित किया कि जब संस्कृति, संवेदनशील प्रशासन और विकास एक साथ चलते हैं, तब बस्तर जैसी धरती और भी सशक्त होकर सामने आती है। कार्यक्रम में एसपी श्री किरण चव्हाण ने भी लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम की समाप्ति में जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने सभी अतिथियों और जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
ये वरिष्ठ लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर विभिन्न समाज प्रमुख सहित, नगर पालिका परिषद् अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम, जनपद पंचायत कोंटा अध्यक्ष कुसुमलता कवासी, नगर पंचायत दोरनापाल अध्यक्ष राधा नायक, सांसद प्रतिनिधि अरुण सिंह भदौरिया, जिला पंचायत सदस्य माड़े बारसे, डीएफओ अक्षय कुमार भोंसले सीओ कमलेश कुमार, जनप्रतिनिधि दिलीप पेद्दी, लीलाधर राठी, पार्षदगण और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।