रिटायर्ड वेटनरी डॉक्टर को किया डिजिटल अरेस्ट: जालसाजों ने पखवाड़ेभर किया परेशान, ठग लिए सवा करोड़ रुपए

आमासिवनी में 74 साल के एक बुजुर्ग सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक ने अज्ञात जालसाज के खिलाफ डिजिटल अरेस्ट कर 1.28 करोड़ रुपए ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

Updated On 2026-01-19 13:37:00 IST

File Photo 

रायपुर। विधानसभा थाने में आमासिवनी, स्वर्णभूमि निवासी 74 साल के एक बुजुर्ग सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक ने अज्ञात जालसाज के खिलाफ डिजिटल अरेस्ट कर 1.28 करोड़ रुपए ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जालसाज ने डॉक्टर को वाट्स एप कॉल कर फर्जी एफआईआर की कॉपी भेजी और ठगी का शिकार बनाया। मामले की जांच रेंज साइबर पुलिस कर रही है।

जालसाज ने डॉक्टर को 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर किस्तों में अपने अकाउंट में रकम ट्रांसफर करा ली। डॉ. स्वपन कुमार सेन ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 31 दिसंबर को अज्ञात नंबर से वाट्स एप कॉल आया। कॉल करने वाला पुलिस वर्दी में था और अपने आपको मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी बताया। अज्ञात व्यक्ति को पुलिस वर्दी में देख डॉक्टर डर गया। इसी बात का फायदा उठाते हुए जालसाज ने डॉक्टर को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने का झांसा देते हुए डॉक्टर के वाट्स एप पर एफआईआर की कॉपी पोस्ट की।

झांसा दिया अकाउंट में ठगी की रकम
स्वपन कुमार ने पुलिस में जो शिकायत दर्ज कराई है, उसके मुताबिक जालसाज ने 31 दिसंबर को जब उसके पास कॉल किया था, तब जालसाज ने डॉक्टर को उसके अकाउंट में करोड़ों रुपए ठगी की रकम ट्रांजेक्शन होने का झांसा दिया था। डॉक्टर ने जालसाज को बताया कि उसके अकाउंट से किसी तरह से ठगी की रकम ट्रांसफर नहीं हुई है। तब जालसाज ने डॉक्टर को झांसा देते हुए कहा कि उसके आधारकार्ड का गलत उपयोग कर उसके नाम से बैंक अकाउंट खुलवाकर उसमें ठगी की रकम ट्रांजेक्शन की गई है। इस बात की पड़ताल करने का झांसा देकर जालसाज ने स्वपन कुमार से उनके बैंक की जानकारी हासिल कर ठगी का शिकार बनाया।

एफआईआर भेजने के बाद बैंक डिटेल मांगी
डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि जालसाज उसे फर्जी एफआईआर भेजने के बाद उससे बैंक अकाउंट, एफडी डिटेल की जानकारी वाट्स एप के माध्यम से मंगाई। गिरफ्तारी की डर से डॉक्टर ने जालसाज को अपनी सभी वित्तीय जानकारियां वाट्स एप के माध्यम से भेज दीं। साथ ही डॉक्टर को मुंबई पुलिस की एक टीम द्वारा जल्द गिरफ्तार करने आने का झांसा दिया गया।

तीन अलग-अलग किस्तों में रकम आहरित
डॉक्टर को डिजिटल गिरफ्त में लेने के बाद जालसाज ने उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक डिटेल की जानकारी उनकी है या नहीं, इस बात की पुष्टि करने का झांसा दिया। साथ ही जालसाज ने 3 तथा 13 जनवरी को 34 लाख रुपए, 39 लाख तथा 55 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से डॉक्टर से ट्रांसफर कराए।

एफडी तुड़वाकर दिए 55 लाख
पुलिस के अनुसार, डॉक्टर ने जालसाज के अकाउंट में पहली बार 34 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद जालसाज ने डॉक्टर को धमकाते हुए अकाउंट मिलान नहीं होने तथा गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए 10 दिन बाद 39 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। आखिरी बार 55 लाख ट्रांसफर करने के बाद डॉक्टर को अपने साथ ठगी होने का शक हुआ। इसके बाद वे थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। बताया जा रहा है, जालसाज ने डॉक्टर से और रकम आरटीजीएस करने के लिए कहा, तब डॉक्टर ने अकाउंट में पैसे नहीं होने की बात कही। इस पर जालसाज डॉक्टर को गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए किसी अन्य तरह से पैसों की व्यवस्था कर ट्रांसफर करने दबाव बनाने की कोशिश की।

पुलिस ने होल्ड कराए 60 लाख
घटना के तीन बाद डॉक्टर 16 जनवरी को ठगी की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे। इसके बाद रेंज साइबर पुलिस ने जिन अकाउंट में रकम ट्रांसफर की गई थी, उनके बारे में जानकारी हासिल कर डॉक्टर के 60 लाख रुपए के करीब रकम होल्ड कराने में सफलता हासिल की है। जिन अकाउंट में रकम ट्रांसफर की गई है, उन अकाउंट के बारे में जानकारी हासिल कर पुलिस जालसाजों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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