बीते साल राजधानी में 92 मर्डर: सड़क हादसे-सेंधमारी-चोरी के मामले घटे, लूट के सभी मामले रायपुर पुलिस ने सुलझाए
रायपुर पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वर्ष 2025 के अपराध के आंकड़े जारी किए। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि, हत्या के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन ने वर्ष 2025 का पूरा लेखा-जोखा पेश किया है। रायपुर पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर साल भर की उपलब्धियों, चुनौतियों और अपराध के बदलते ट्रेंड पर विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने अपराध के आंकड़ों का डिटेल्स प्रस्तुत किया। प्रेस वार्ता में पुलिस विभाग के सभी अन्य अफसर भी मौजूद रहे।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि, वर्ष 2025 में हत्या के मामलों में वृद्धि हुई है। बीते साल कुल 92 मर्डर की घटनाएं सामने आईं, जिनमें अधिकांश मामले छोटी-छोटी बातों पर हुए झगड़ों से जुड़े हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि, हत्या के प्रयास के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में कमी आई है।
इन मामलों में घटी संख्या
गौरतलब है कि, लूट के मामलों में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लूट के सभी मामलों में शत-प्रतिशत सफलता हासिल करने का दावा किया गया। नकबजनी (सेंध लगाना) के मामलों में भी गिरावट दर्ज हुई है। वर्ष 2024 में जहां 526 मामले सामने आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 477 रह गई। इसी तरह चोरी के मामलों में भी कमी आई है। 2024 में 1597 प्रकरण दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में 1443 मामले सामने आए।
सड़क दुर्घटनाओं में मौत के आंकड़ों में 4% की वृद्धि
वहीं सड़क सुरक्षा को लेकर आंकड़े मिश्रित तस्वीर पेश करते हैं। वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या में मामूली कमी आई है। 2024 में 2079 दुर्घटनाएं और 2025 में 2063 दुर्घटनाएं हुईं। हालांकि दुर्घटनाओं में मृत्यु की संख्या बढ़ी है। 2024 में 594 मौतें और 2025 में 618 मौतें हुईं। इस तरह सड़क दुर्घटनाओं में मौत के आंकड़ों में करीब 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
ड्रंक एंड ड्राइव के 1537 मामले दर्ज
यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई में पुलिस ने सख्ती दिखाई। वर्ष 2025 में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत डेढ़ गुना ज्यादा कार्रवाई की गई। 2024 में चालानी कार्रवाई से 10 करोड़ 75 लाख रुपये की वसूली की गई और 2025 में बढ़कर 14 करोड़ 44 लाख रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा ड्रंक एंड ड्राइव के 1537 मामले दर्ज किए गए। अधिकारीयों ने कहा कि, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों पर लगाम लगाने के लिए वर्ष 2026 में और सख्त कदम उठाए जाएंगे।