धान खरीदी में अब बस्तर संभाग की भूमिका निर्णायक: 7 जिलों में 7.23 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की आवक

बसतर संभाग के सात जिलों में स्थापित 382 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 7,23,276.64 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।

Updated On 2026-01-05 19:55:00 IST

धान खरीदी

अनिल सामंत- जगदलपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में बस्तर संभाग ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि, राज्य के धान खरीदी ढांचे में उसकी भूमिका केवल सीमांत नहीं, बल्कि निर्णायक है। 5 जनवरी 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार संभाग के सात जिलों में स्थापित 382 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 7,23,276.64 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। यह आंकड़ा न केवल पिछले वर्षों की निरंतरता को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की सक्रियता और किसानों की भागीदारी को भी रेखांकित करता है।

धान की श्रेणीवार स्थिति पर नजर डालें तो उपार्जन में मोटा धान का वर्चस्व स्पष्ट दिखाई देता है, जबकि पतला और सरना धान की मात्रा अपेक्षाकृत सीमित रही है। जिलेवार आंकड़ों में कांकेर जिला सबसे आगे रहा,जहां लगभग 2.84 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन दर्ज किया गया। इसके बाद कोंडागांव और बस्तर जिले प्रमुख रूप से उभरे,जहां क्रमशः 1.70 लाख मीट्रिक टन और 1.56 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की आवक हुई।


29,673.13 मीट्रिक टन धान मिलरों को जारी
उपार्जन के साथ-साथ मिलिंग व्यवस्था को गति देने के लिए मिलरों को धान निर्गमन की प्रक्रिया भी लगातार जारी रही। अब तक संभाग से 29,673.13 मीट्रिक टन धान मिलरों को जारी किया जा चुका है। इसमें भी कांकेर जिला अग्रणी रहा,जहां से सबसे अधिक धान मिलरों को दिया गया। सीमावर्ती और नक्सल प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा,नारायणपुर और सुकमा में अपेक्षाकृत कम केंद्र होने के बावजूद उपार्जन एवं निर्गमन प्रक्रिया बाधित नहीं हुई,जो जमीनी स्तर पर व्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है।

6.92 लाख मीट्रिक टन से अधिक सुरक्षित भंडारण
वर्तमान में उपार्जन केंद्रों में 6.92 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान सुरक्षित भंडारण में उपलब्ध है। कुल उठाव 30,846.13 मीट्रिक टन रहा है,जो औसतन 4.26 प्रतिशत के आसपास है। प्रशासनिक स्तर पर उठाव प्रतिशत बढ़ाने,परिवहन व्यवस्था को सुचारु रखने और मिलिंग में तेजी लाने को लेकर सतत निगरानी की जा रही है,ताकि किसानों को भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो और खरीफ उपार्जन लक्ष्य समय पर पूर्ण किया जा सके।

बस्तर संभाग में धान खरीदी पर एक नजर
बस्तर संभाग के सात जिलों में कुल 382 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 7.23 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उपार्जन दर्ज किया गया है, जिसमें कांकेर,कोंडागांव और बस्तर जिले अग्रणी रहे। मिलरों को कुल 29,673 मीट्रिक टन धान जारी किया जा चुका है, जबकि उपार्जन केंद्रों में 6.92 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान शेष है। कुल उठाव 30,846 मीट्रिक टन के साथ औसत उठाव प्रतिशत 4.26 रहा, जो आने वाले दिनों में मिलिंग प्रक्रिया में और तेजी की संभावना दर्शाता है।

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