भक्तिन माता जयंती 7 जनवरी को: आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू बोले- विशाल सम्मेलन में सामाजिक एकता का होगा शंखनाद
राजिम में भक्तिन माता जयंती के अवसर पर 7 जनवरी को प्रदेश साहू संघ का विशाल सम्मेलन एवं सामाजिक एकता का शंखनाद होने जा रहा है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते साहू समाज के पदाधिकारी
श्यामकिशोर शर्मा- राजिम। छत्तीसगढ़ के राजिम में भक्तिन माता जयंती के अवसर पर 7 जनवरी को प्रदेश साहू संघ का विशाल सम्मेलन एवं सामाजिक एकता का शंखनाद होने जा रहा है। इसी तारतम्य में सोमवार को राजिम रेस्ट हाऊस में विधायक रोहित साहू मौजूद रहे। इस सामाजिक सम्मेलन में सीएम विष्णुदेव साय हमारे मुख्य अतिथि होंगे, तथा पूर्व अध्यक्ष प्रदेश साहू संघ एवं शासन के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
प्रमुख अतिथि के रूप में तोखन साहू केन्द्रीय राज्य मंत्री ,चरणदास महंत नेता प्रतिपक्ष छ.ग. विधानसभा एवं हमारे समाज के अग्रदूत एवं जनसेवा के प्रतीक, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव मंचस्थ होंगे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मोतीलाल साहू विधायक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ एवं धनेन्द्र साहू पूर्व मंत्री छत्तीसगढ़ शासन होंगे। विशिष्ट अतिथियों में प्रदेश के साहू समाज के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायकगण तथा प्रदेश शासन के हमारे समाज के पूर्व मंत्री तथा पूर्व विधायकगण मचस्थ होंगे। राजिम जयंती में करीब हजारों लोगों के लिए विशाल भण्डारे का आयोजन किया जा रहा है।
साहू समाज के लोगों को शामिल होने की अपील
अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने प्रेस कांन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राजिम धाम की अधिष्ठात्री देवी राजिम भक्तिन माता की जयंती पूरे धूमधाम से छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ द्वारा प्रतिवर्ष 7 जनवरी को छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक समरसता के केन्द्र राजिम में मनाई जाती है। हमें इस बात का गर्व है कि भक्त माता परम श्रद्धेय राजिम का असीम स्नेह हमारे वंश साहू समाज को प्राप्त हुआ है। प्रदेश के 496 परिक्षेत्र, 196 तहसीलों एवं 33 जिला मुख्यालयों से इस वर्ष भक्ति और मुक्ति की प्रतीक, माता राजिम की जयंती पर हजारों साहू समाज सहित सभी समाज के लोगो की सार्थक उपस्थिति होगी। श्री साहू ने बताया कि अपने पुरातन इतिहास को समेटे यह नगरी भगवान विष्णु की नगरी है तथा भगवान श्री राजीव लोचन, राजिम भक्तिन माता द्वारा प्राप्त भगवान विष्णु का श्रीविग्रह है।
राजिम माता के नाम पर है राजीव लोचन मंदिर
अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने आगे कहा कि, यह ऐतिहासिक सत्य है कि राजिम का नामकरण हमारे वंश की अधिष्ठात्री देवी राजिम माता के नाम पर है तथा अनन्य भक्ति में लीन राजिम माता ने भगवान श्री राजीव लोचन की प्रतिमा के ही चरणों में पूर्ण समाधि ली थी, तब से आज तक भगवान श्री राजीव लोचन में शुद्ध तेल चुपड़ने की परंपरा है। वर्तमान में इस वास्तविकता को सभी वर्ग के लोग जानते है। 12 वीं शताब्दी में तैलिक कल्याणी राजिम माता ने ईश्वर-दर्शन सभी जाति धर्म के लोगो के लिए सुलभ कराने का गौरव प्राप्त किया है, आज भी लोग भगवान श्री राजीव लोचन के दर्शन के पश्चात परिक्रमा करते हुए राजिम माता के सती-स्तंभ का दर्शन कर उनके अनन्य त्याग के प्रति श्रद्धानवत होते हैं।
रूढ़ीवादी कुरीतियों को दूर कर समाज को बढ़ाएं आगे
अध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू ने संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश साहू संघ, छत्तीसगढ़ अंचल के सामाजिक विभूतियों की जयंती आयोजित कर, अपने सामाजिक लोगों का शैक्षणिक, ज्ञान विज्ञान तथा आध्यात्मिक स्तर को ऊंचा उठाते हुए, चरित्रवान, निष्ठावान व देशभक्त नागरिकों का निर्माण, उनके आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक व नैतिक हितो की रक्षा करना, सामाजिक रूढ़ीवादी कुरीतियों को दूर कर खर्चीली न्याय व्यवस्था से बचाते हुए सामाजिक स्तर पर विवादों का समाधान तथा समाज को एकता के सूत्र में आबद्ध करते हुए छत्तीसगढ़ के अन्य सामाजिक संगठनों से मिलकर प्रदेश के विकास एवं राष्ट्रीयता की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए उत्साहित है। 7 जनवरी को प्रदेश के समस्त स्वजातीय भाईयों एवं बहनों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में राजिम जयंती में उपस्थित होकर नि:स्वार्थ सामाजिक सेवा का संकल्प लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ की सामाजिक एकता का अभिनव उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।
ये वरिष्ठ लोग रहे उपस्थित
छत्तीसगढ़ साहू संघ के उपाध्यक्ष साधना साहू, गरियाबंद जिला साहू समाज के अध्यक्ष प्रवीण साहू, राजिम भक्तिन माता समिति के अध्यक्ष लाला साहू, डॉ सुनील साहू, प्रदीप साहू, चंद्रवती साहू, और समाज के अन्य वरिष्ठ मौजूद रहे।