छत्तीसगढ़ से तीन हस्तियों को पद्मश्री: दक्षिण बस्तर की समाज सेवी डॉ. बुधरी ताती और डॉ. रामचन्द्र गोडबोले- सुनीता गोडबोले होंगे सम्मानित
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पिछले 36 वर्षों से समाजसेवा का काम कर रही बुधरी ताती को 2026 के पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
बुधरी ताती होंगी पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में समाज सेवा का काम कर रही बुधरी ताती को 2026 के पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। रविवार को 45 लोगों के नाम की सूची जारी की गई। जिसमें दूसरे नंबर पर उनका नाम शामिल है। बुधरी ताती पिछले 36 सालों से दक्षिण बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में समाजसेवा की अलख जगा रही हैं। अबूझमाड़ इलाके में महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही हैं। वहीं डॉ. रामचन्द्र गोडबोले- सुनीता गोडबोले को मेडिसिन के क्षेत्र में दिया जाएगा।
वे अब तक 22 पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं। इनमें 3 से ज्यादा राष्ट्रीय स्तर के अवार्ड हैं। वहीं पद्मश्री की घोषणा होने के बाद बधाई देने इन्हें लोगों की भीड़ इनके घर पहुंच रही है। बुधरी ताती महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने लिए बस्तर संभाग के अलग-अलग करीब 545 गांवों की पद यात्रा भी की हैं। समाज सेवा के लिए काम करने पर इन्हें डॉक्टर की भी उपाधि मिली है।
500 से अधिक महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर
बुधरी ताती ने सिलाई प्रशिक्षण, बच्चियों को शिक्षित करने का काम कर रही हैं। बुधरी ताती अभी तक 500 से ज्यादा महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। बुधरी ताती दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित हीरानार की रहने वाली हैं। बुधरी ताती को छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।