पीआईएल के लिए जमा करने होंगे 15 हजार: रकम कम करने संबंधी याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज, मामला जनहित में साबित हुआ तो रकम होगी वापस

हाईकोर्ट में सुनवाई के पश्चात जनहित में सिद्ध होने पर सुरक्षा राशि वापस की जा सकती है। अब जनहित याचिका के साथ 15 हजार की सुरक्षा राशि जमा करना जरूरी है।

Updated On 2026-01-03 12:54:00 IST

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में विभिन्न मामलों पर जनहित याचिका लगाने वालों के लिए अब याचिका के साथ 15 हजार रुपए की सुरक्षा राशि जमा करना जरूरी हो गया है। इस संबंध में इस धनराशि को कम करने का आवेदन हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पीआईएल के लिए जमा करने होंगे 15 हजार : रकम कम करने संबंधी याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज, मामला जनहित में साबित हुआ तो रकम होगी वापस स्वीकार नहीं किया। ध्यान रहे कि इससे पूर्व में यह सुरक्षा राशि 5000 हुआ करती थी। जिसे कुछ समय पूर्व हाईकोर्ट में संशोधित करके 15000 कर दिया है।

शुक्रवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की खंडपीठ में कोरबा के लक्ष्मी चौहान, अरुण श्रीवास्तव एवं सपूरन दास की ओर से कोरबा जिला डीएफ फंड में अनियमितता से संबंधित जनहित याचिका की सुनवाई हुई। इस दौरान 15 हजार रुपए की धनराशि को माफ करने या इस कम किए जाने का आवेदन खंड पीठ ने स्वीकार नहीं किया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और सुदीप वर्मा ने कहा कि पूर्व में यह धनराशि 5000 होती थी और अब इसे तीन गुना बढ़ा दिया गया है।

इसलिए इसे कम कर दिया जाए। इस मांग पर खंडपीठ ने असहमति जताई। ध्यान रहे कि प्रस्तुत जनहित याचिका में कोरबा डीएमएफ फंड के तहत पिछले 10 सालों में 4000 करोड रुपए के उपयोग के पूर्व डीएमएफ नियमों और अन्य गाइडलाइन में उल्लंघन की बात कही गई है। याचिका में इस फंड के द्वारा लगाई जा रही नौकरियों में प्रभावित व्यक्तियों को मौका नहीं दिए जाने बिना सोचे समझे मनमाने तरीके से बिल्डिंगों में पैसा खर्च करने और कई प्रभावितों को लाभ नहीं देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

तो याचिका स्व मेव रद्द मानी जाएगी
याचिका कर्ता की ओर से यह भी निवेदन किया गया कि यदि बाद में हाईकोर्ट को लगता है कि याचिका गलत विषय पर या गलत तरीके से लगाई गई थी तो याचिकाकर्ताओं पर जुर्माना लगाया जा सकता है, इसलिए प्रारंभ में इतनी बड़ी धनराशि जमा करने में छूट दी जाए। हाईकोर्ट ने इसे भी स्वीकार नहीं किया और कहा कि गंभीर विषय पर जनहित याचिका लगाने वाले लोगों को 15 हजार रुपए जमा करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

खंडपीठ ने कहा कि यदि सुनवाई के बाद उन्हें लगेगा की याचिका वास्तव में जनहित के लिए थी तो यह धनराशि वापस की जा सकती है। सुनवाई के बाद अपने आदेश में खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता अगले शुक्रवार तक यह 15 हजार रुपए की धन राशि जमा करें और उसके बाद 12 जनवरी सोमवार को इस जनहित याचिका पर सुनवाई की जाएगी।

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