सरकारी खजाना भरने की तैयारी: सार्वजनिक क्षेत्र की समिति-कंपनियों से सरकार वसूलेगी 30 फीसदी हिस्सा
छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी खजाने को सेहतमंद बनाए रखने के लिए एक बड़ा फैसला किया है।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी खजाने को सेहतमंद बनाए रखने के लिए एक बड़ा फैसला किया है। अब सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम मसलन शासकीय कंपनियां, सांविधिक निगम, संयुक्त उद्यम निगम और सहकारी समितियों से उनकी कमाई का 30 फीसदी हिस्सा वसूल किया जाएगा। यह राशि लाभांश के रूप में ली जाएगी। इस संबंध में राज्य सरकार के वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। खास बात ये कही गई है। कि ये हिस्सेदारी इसी वित्तीय वर्ष से लेना शुरू किया जाएगा। यह आदेश वित्त विभाग ने राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव के नाम जारी किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि, राज्य शासन के पूर्ण या आंशिक स्वामित्व (नियंत्रक हिस्सेदारी) वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू), जिनमें शासकीय कंपनियां, सांविधिक निगम, संयुक्त उद्यम निगम, सहकारी समितियां आदि सम्मिलित हैं, द्वारा राज्य शासन को लोक हित में नियमित लाभांश दिया जाना चाहिए। राज्य को विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों और जनहित के कार्यों को संचालित करना होता है, इसलिए एक विवेक पूर्ण निवेशक के रूप में लाभांश की प्राप्ति अति आवश्यक है।
विभागों को दिए गए हैं ये निर्देश
वित्त विभाग ने सरकारी विभागों से कहा है कि वे अपने नियंत्रण के अधीन आने वाले उपक्रमों के वित्तीय परिणामों की समीक्षा करते हुए बताए गए सिद्धांत के अनुसार राज्य शासन को इसी वित्तीय वर्ष से लाभांश का भुगतान सुनिश्चित करें।
इस तरह करना होगा भुगतान
राज्य सरकार ने राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा राज्य शासन को वार्षिक लाभांश भुगतान के लिए नीति बनाई है। इसके तहत लाभ में संचालित समस्त राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (एसपीएसयू) अपने शुद्ध लाभ (करों के भुगतान के बाद मिलने वाले लाभ का न्यूनतम 30 प्रतिशत वार्षिक लाभांश के रूप में भुगतान करना सुनिश्चित करेंगे। वर्ष के शुद्ध लाभ की गणना करते समय, वर्ष के प्रारंभ में संचित हानि को ध्यान में रखा जाएगा।) राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अन्य प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखते हुए 30 प्रतिशत से अधिक लाभांश देने का प्रयास करें। इस संबंध में कंपनी अधिनियम, 2013 और अन्य लागू वैधानिक प्रावधानों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। लाभांश की राशि जमा करने के लिए वित्त विभाग ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य संस्थाएं जिनमें सहकारी संस्थाएं भी शामिल है के लिए हेड (लेखा शीर्ष) भी जारी कर दिया है।
एक नजर सार्वजनिक उपक्रमों पर
राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (राज्य के पीएसई) की संख्या 28 है, इनमें 27 सरकारी कंपनियां और सांविधिक निगम शामिल है। राज्य के 10 पीएसईज ने वर्ष 2023 की स्थिति में 897. 22 करोड़ का लाभ अर्जित किया था। इनमें से शीर्ष पांच लाभकमाने वाले राज्य पीएसई में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य भंडारगृह निगम, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड और छत्तीसगढ़ खनिज निगम शामिल हैं। राज्य में हजारों की संख्या में सहकारी समितियां हैं, इनके वार्षिक लाभांश का ब्योरा अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन अब इन समितियों को अपने शुद्द लाभ में से 30 प्रतिशत हिस्सा सरकार के खजाने में जमा करना होगा।