अंजन हिल कोल परियोजना की जनसुनवाई: रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का होगा विस्तार, एसईसीएल के GM बोले- निजी भूमि का नहीं होगा अधिग्रहण
एमसीबी जिले के चिरमिरी कोलफील्ड क्षेत्र में प्रस्तावित अंजन हिल कोयला खदान परियोजना को लेकर ग्राम भुकभुकी में जनसुनवाई सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
अंजन हिल कोल खदान परियोजना पर जनसुनवाई
रविकांत सिंह राजपूत- मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के कोयलांचल नगरी चिरमिरी के दक्षिण-पूर्वी चिरमिरी कोलफील्ड क्षेत्र में प्रस्तावित अंजन हिल कोयला खदान परियोजना को लेकर जनसुनवाई सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह परियोजना अंजन माइंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा, कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के चिरमिरी क्षेत्र अंतर्गत लगभग 388.261 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित है।
जनसुनवाई का आयोजन ग्राम भुकभुकी, जनपद पंचायत खड़गवां में किया गया, जिसमें प्रशासन, पर्यावरण विभाग एवं एसईसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर अनिल सिदार, पर्यावरण संरक्षण अधिकारी शैलेश पिसदा, एसडीओ बृजेंद्र सारथी, सीएसपी दीपिका मिंज, एसईसीएल महाप्रबंधक अशोक कुमार, सब एरिया मैनेजर मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
परियोजना के लिए किसी भी निजी भूमि का नहीं किया जाएगा अधिग्रहण
जनसुनवाई के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने परियोजना का समर्थन किया। जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रिया मेश्राम ने इसे क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि, खनन परियोजना से रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। कुछ ग्रामीणों द्वारा निजी भूमि अधिग्रहण को लेकर आशंका जताए जाने पर एसईसीएल के महाप्रबंधक अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि, परियोजना के लिए किसी भी निजी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा और समस्त कार्य केवल आवंटित लीज क्षेत्र के भीतर ही किया जाएगा।
इन चीजों को दी जाएगी प्राथमिकता
कंपनी ने आश्वासन दिया कि, खनन कार्य पर्यावरणीय मानकों के पूर्ण पालन के साथ किया जाएगा। साथ ही स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा उपाय, जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। हाल के सामुदायिक कार्यों में हुडी जैकेट, स्कूल बैग एवं डेस्क-बेंच वितरण जैसी पहलें शामिल हैं।
परियोजना क्षेत्र में कोई ग्राम पंचायत नहीं है शामिल
कंपनी के अनुसार परियोजना से किसी प्रकार का विस्थापन, पुनर्वास या अतिक्रमण नहीं होगा। परियोजना क्षेत्र में कोई ग्राम पंचायत शामिल नहीं है और वनों, जल स्रोतों एवं वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव की संभावना नहीं बताई गई है।
स्थानीय व्यापार और आजीविका को मिलेगी मजबूती
स्थानीय व्यापार प्रतिनिधि ओम प्रकाश अग्रवाल ने परियोजना को क्षेत्र के लिए एक बड़ा विकास अवसर बताते हुए कहा कि, जिम्मेदार खनन से स्थानीय व्यापार और आजीविका को मजबूती मिलेगी। जनसुनवाई पूर्ण होने के बाद अब कंपनी वैधानिक एवं नियामक स्वीकृतियों के अनुरूप परियोजना के अगले चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।