गैर चर्चित ब्रांड्स की शराब नहीं बेच पाए: कंसल्टेंसी एजेंसी पर 80 लाख का जुर्माना, अब सैल्समैन और कर्मचारियों से हो रही वसूली

गैर चर्चित ब्रांड्स की शराब कम बेच पाने पर आबकारी मुख्यालय ने वीआईएस कंसल्टेंसी एजेंसी पर 80 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, अब इसकी वसूली कंपनी अपने कर्मचारियों के वेतन काटकर कर रही है।

Updated On 2026-01-24 12:59:00 IST

File Photo 

रायपुर। शराब दुकान में गैर चर्चित या नये ब्रांड्स के शराब की बिक्री नहीं कर पाने पर आबकारी मुख्यालय ने वीआईएस कंसल्टेंसी एजेंसी के खिलाफ 80 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। कंपनी जुर्माना राशि शराब दुकान में काम करने वाले सुपरवाइजर से लेकर सेल्समैन की सैलेरी से काटकर नुकसान की भरपाई कर रही है। शराब दुकान में काम करने वाले कर्मियों से बात करने पर बताया कि, कंपनी ने उन्हें नुकसान की भरपाई करने नवंबर से लेकर दिसंबर तक सैलेरी में कटौती करने की चेतावनी दी है। साथ ही जो सैलेरी नहीं कटवाना चाहते, उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी है।

आबकारी विभाग के अफसरों के अनुसार संबंधित कंसल्टेंसी एजेंसी को जितनी मात्रा में शराब बिक्री करने लक्ष्य दिया गया था, उस लक्ष्य के अनुसार संबंधित एजेंसी शराब बिक्री नहीं कर पाई। इसके चलते कंपनी के खिलाफ 80 लाख रुपए का जुर्माना किया गया है। अलग-अलग शराब दुकान के कर्मियों से बात करने पर उन लोगों ने बताया कि ग्राहकों की मांग के अनुरूप ब्रांड भेजने की वे डिमांड करते हैं। इसके विपरीत उन्हें उन ब्रांड की शराब आपूर्ति करने के बजाय ऐसे ब्रांड जिसे लोग जानते तक नहीं, उस ब्रांड की शराब आपूर्ति करते हैं। इसके चलते दुकान में शराब की बिक्री कम हो रही है।

जुर्माना से ज्यादा रकम की हो चुकी वसूली
जिले में 77 अंग्रेजी शराब दुकान संचालित हैं। इस हिसाब के हर शराब दुकान में एक सुपरवाइजर के हिसाब से 77 सुपरवाइजर हुए। सेल्समैन की संख्या पांच से छह है। इस तरह से सेल्समैन की संख्या साढ़े चार सौ से ज्यादा हुई। बताया जा रहा है, नवंबर में शराब आपूर्ति करने वाली कंसल्टेंट कंपनी ने अपने कर्मचारियों के 40 लाख रुपए से ज्यादा के वेतन में कटौती की है। इसके साथ ही दिसंबर में 41 लाख रुपए से ज्यादा की वेतन में कटौती की है। सेल्समैन की सैलेरी 25 तथा सुपरवाइजर की सैलरी 36 हजार रुपए है।

नुकसान की भरपाई कर्मचारियों से क्यों
शराब दुकान के सेल्समैन तथा सुपरवाइजर के अनुसार दुकान में कोई शराब लेने आता है, मनपसंद ब्रांड नहीं मिलने पर ग्राहक लौटता है, तो इसमें उनकी क्या गलती है। एक शराब दुकान के सुपरवाइजर के अनुसार उनकी दुकान में ग्राहक जिस ब्रांड की शराब की मांग करते हैं, उनकी वे सूची तैयार करते हैं। इसके बाद वे उस सूची के अनुसार कंसल्टेंट एजेंसी को उस ब्रांड की शराब आपूर्ति करने मांग करते हैं। शराब दुकान में काम करने वाले कर्मियों के अनुसार उनके द्वारा भेजी गई सूची के अनुसार 25 प्रतिशत ब्रांड की शराब आपूर्ति उन्हें की जाती है।

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