फिर दिखी बाघ की धमक: बकावंड क्षेत्र में मिले पगचिन्ह, ग्रामीणों से जंगल की ओर न जाने की अपील
बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक के बाजावंड गांव में बाघ के पैरों के ताजा निशान मिलने से इलाके में दहशत का माहौल है। बाघ ने गांव के पास एक कुत्ते का शिकार भी किया है।
बस्तर में दिखा बाघ
महेंद्र विश्वकर्मा- जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक बार फिर बाघ की मौजूदगी ने न केवल ग्रामीणों की, बल्कि वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बकावंड ब्लॉक के बाजावंड गांव में बाघ के पैरों के ताजा निशान मिलने से इलाके में दहशत का माहौल है।
बताया जा रहा है कि बाघ ने गांव के पास एक कुत्ते का शिकार भी किया है, जिससे ग्रामीणों में डर और सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव के कोटवार द्वारा मुनादी कराई जा रही है, जिसमें ग्रामीणों से जंगल की ओर न जाने की अपील की जा रही है। आशंका है कि बाघ आसपास ही सक्रिय है और कभी भी मानव बस्ती के करीब आ सकता है। वन विभाग ने बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की है।
कैमरे में नहीं दिखा बाघ
बस्तर जिले के वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार बाघ के पगचिन्ह मिले पर विभाग द्वारा लगाए गए कै मरे में बाघ नहीं दिखा। इसके बाद भी आसपास के गांवों में मुनादी की गई कि लोग जंगल नहीं जाएं।
बाघ का मूवमेंट दर्ज
वन विभाग जगदलपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक आलोक कुमार तिवारी ने बताया कि बाघ का मूवमेंट इसी इलाके में दर्ज किया गया है। यह वही बाघ है, जिसका फुट प्रिंट पहली बार 3 जनवरी को तोकापाल ब्लॉक के खंडियापाल इलाके में मिला था। उस समय भी बाघ द्वारा कई जानवरों के शिकार की जानकारी सामने आई थी।