परिवार के 13 सदस्यों की घर वापसी: 15 साल बाद पारंपरिक रीति- रिवाजों के साथ सनातन धर्म अपनाया, लोगों ने किया स्वागत

बस्तर जिले के नानगुर तहसील अंतर्गत साड़गुड़ गांव में पिछले करीब 15 वर्षों से ईसाई पंथ से जुड़े एक ही परिवार के 13 सदस्यों ने सनातन धर्म में घर वापसी की है।

Updated On 2026-01-28 17:07:00 IST

इन सभी लोगों ने की घर वापसी 

अनिल सामंत- जगदलपुर। बस्तर जिले के नानगुर तहसील अंतर्गत ग्राम साड़गुड़ में आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण उदाहरण सामने आया, जब पिछले करीब 15 वर्षों से ईसाई पंथ से जुड़े एक ही परिवार के 13 सदस्यों ने स्वेच्छा से सनातन धर्म में घर वापसी की। ग्राम समाज एवं क्षेत्र के वरिष्ठजनों की गरिमामय उपस्थिति में पारंपरिक विधि-विधान और रीति-रिवाजों के साथ यह आयोजन सम्पन्न हुआ। जिसने पूरे गांव में सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का संदेश दिया।

परिवार के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पूरी तरह उनकी स्वतंत्र इच्छा से लिया गया है, जिसमें किसी प्रकार का दबाव या प्रलोभन नहीं रहा। उन्होंने कहा कि अपनी मूल संस्कृति, परंपराओं और पूर्वजों की आस्था से जुड़ाव की भावना ही उन्हें पुनः सनातन मार्ग की ओर ले आई। समाज के साथ रहकर सकारात्मक गतिविधियों में सहभागी बनना ही व्यक्ति और समुदाय दोनों की सशक्त पहचान है, जबकि समाज से कटकर की गई गतिविधियां न व्यक्ति का हित करती हैं और न ही समाज का। इस निर्णय को उपस्थित समाज प्रमुखों एवं ग्रामीणों ने आत्मिक पुनर्जागरण की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया। 


पूर्वजों की परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से हुई चर्चा
ग्राम साड़गुड़ में आयोजित कार्यक्रम में समाज प्रमुखों की उपस्थिति में पारंपरिक पूजा-अर्चना, सामाजिक संवाद और सांस्कृतिक विधानों के साथ घर वापसी संपन्न हुई। आयोजन के दौरान समाज की एकता, पूर्वजों की परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित समाज प्रतिनिधियों ने परिवार के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला कदम बताया। 


इन लोगों ने की घर वापसी और ये लोग रहे उपस्थित
बघेल परिवार के सदस्य लखेश्वर, शांति, रामचरण, प्रभुदास, सनमती, निलकुमारी, कौशल्या, साहिल, शुभम, प्रतीक, हर्षिता, आनंद एवं अनन्या। कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख समाज प्रतिनिधि महारा समाज कचरा पाठी परगना संरक्षक एवं विहिप जिला उपाध्यक्ष प्रेम चालकी,धनुजय कश्यप, पीलाराम नाग, धनसाय भारती, देवी सिंह बघेल, शोभाबती बघेल, धबलू कश्यप, मदन कश्यप, सुरेंद्र चालकी, समत बघेल, जीवन दास, सुखराम कश्यप, तुलाराम, भोला मरकाम, विहिप जिला धर्म प्रसार प्रमुख देवेन्द्र कश्यप सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी सम्मलित थे।

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