डोंगरगढ़ में कांग्रेस के साथ किसानों ने खोला मोर्चा: अव्यवस्थाओं को दूर करने की मांग, MLA हर्षिता बघेल ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप

डोंगरगढ़ में किसानों ने कांग्रेस के बैनर तले तहसील कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। जिसमें उन्होंने सरकार को वादों की याद दिलाई।

Updated On 2026-01-24 17:25:00 IST

कांग्रेस विधायक हर्षिता बघेल

राजा शर्मा- डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को किसानों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाने, टोकन व्यवस्था की विफलता और धान खरीदी में हो रही भारी अव्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में किसानों ने तहसील कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने ज्ञापन सौंपकर भाजपा सरकार को चुनाव के समय किए गए वादों की याद दिलाई।

किसानों का आरोप है कि टोकन कटवाने से लेकर धान मंडी तक हर कदम पर दलालों को पैसे देने पड़ रहे हैं, जबकि सरकार व्यवस्था सुधारने के बजाय किसानों को ही कटघरे में खड़ा कर रही है। किसानों का कहना है कि वे पीढ़ी दर पीढ़ी देश का पेट भरते आ रहे हैं। सरकार एक ओर किसानों को अन्नदाता कहती है और दूसरी ओर उन्हें आत्महत्या की कगार पर छोड़ रही है। खाद के समय खाद नहीं मिली, अब जब फसल तैयार हुई तो धान सत्यापन और रकबा समर्पण के नाम पर खरीदी रोकी जा रही है। हमने न कीमत बढ़ाने की मांग की, न उत्पादन बढ़ाने की, हम सिर्फ अपना धान बेचने का अधिकार मांग रहे हैं। 

विधायक हर्षिता बघेल ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप
डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने कहा कि किसानों की आत्महत्या, धान खरीदी में अव्यवस्था, बिजली बिलों की मार, बेरोजगारी भत्ता और रोजगार संकट, इन सभी की जिम्मेदारी मोदी सरकार की ट्रिपल इंजन सरकार की है। 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान खरीदी का दावा किया गया, लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश में समय पर खरीदी शुरू ही नहीं हुई। भाजपा ने 21 क्विंटल और 3100 रुपए समर्थन मूल्य का वादा किया था, लेकिन आज किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। ये ट्रिपल ईंजन की सरकार सिर्फ शराब की शीशी बदलने में लगी है। 

किसानों की कमर तोड़ रही बीजेपी सरकार- नवाज खान
पूर्व जिला अध्यक्ष नवाज खान ने कहा कि किसानों के खिलाफ एक सोची- समझी साजिश चल रही है। खेती के समय खाद नहीं दी गई, किसानों ने महंगे दाम पर खाद खरीदकर फसल उगाई, और अब टोकन व रकबा समर्पण के नाम पर धान कम खरीदने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर रोजगार गारंटी योजना को कमजोर किया जा रहा है, दूसरी ओर बिजली बिलों से किसानों की कमर तोड़ी जा रही है। भाजपा ने आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन खर्च दोगुना कर दिया आय आधा से से भी कम हो गया है। 

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