फर्जी दस्तावेजों से बने 8 शिक्षक बर्खास्त: साल 2007 में बने थे शिक्षाकर्मी, शिक्षा संचालनालय के आदेश पर हुई कार्रवाई

धमतरी जिले के मगरलोड जनपद क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी शिक्षक बने आठ लोगों को शिक्षा संचनालय के आदेश पर नौकरी से हटा दिया गया है।

Updated On 2026-01-08 17:46:00 IST

विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय

सौम्या यादव- धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड जनपद क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर सरकारी शिक्षक बनने वाले आठ लोगों को नौकरी से बाहर कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शिक्षा संचनालय से जारी आदेश के मुताबिक अब यह सभी आठ शिक्षक नौकरी से बाहर कर दिए गए 2007 में यह सभी बतौर शिक्षाकर्मी भर्ती में शामिल हुए थे।

फर्जी दस्तावेज लगाकर शिक्षाकर्मी बनने में सफल हुए थे। जिसके बाद में आरटीआई के तहत इन शिक्षा कर्मियों के दस्तावेजों की प्रति निकाली गई। तब खुलासा हुआ कि, ज्यादातर भर्ती फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कर दी गई है। कई साल लंबी चली जांच के बाद अब कार्रवाई शुरू हो गई है।

आगे भी हो सकती है ऐसी कार्रवाई
आपको बता दें कि, यह सभी लोग भर्ती तो शिक्षाकर्मी के पद पर हुए थे। उसके बाद 18 साल की नौकरी के दौरान प्रमोशन लेकर प्रधान पाठक तक बन चुके हैं। अब इस तरह की कार्रवाई आगे और भी देखने को मिल सकती है। क्योंकि फर्जी भर्ती में आरोपियों की लिस्ट काफी लंबी है। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद फर्जी दस्त भेजो से नौकरी पाने वालों में हड़कम्प मचा हुआ है।

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