छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग की मनमानी: तीन लेक्चरर्स को वरिष्ठता सूची में गलत विषय डालकर पदोन्नति से किया वंचित, हाईकोर्ट ने आदेश पर लगाई रोक
शिक्षा विभाग ने टीचर ऐल. बि पर नियुक्त नमिता राठौर, सुषमा साहू और अंजू दुबे को वरिष्ठता सूची में गलत विषय अंकित करके पदोन्नति के अधिकार से वंचित कर दिया। कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट
पंकज गुप्ते- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग ने टीचर ऐल. बि पर नियुक्त नमिता राठौर, सुषमा साहू और अंजू दुबे को वरिष्ठता सूची में गलत विषय अंकित करके पदोन्नति के अधिकार से वंचित कर दिया। रायपुर जिले में नियुक्त जीवविज्ञान की शिक्षिकाओं ने वरिष्ठता सूची जो 01/04/2023 के लिए 6/11/2024 को जारी किया गया जिसमें अपने नाम के आगे विषय में जीवविज्ञान के स्थान पर केवल विज्ञान लिखा हुआ पाया। जिसके कारण उनका नाम जीवविज्ञान के लेक्चरर के पद पर पदोन्नति के लिए शामिल नहीं किया गया।
अंजू दुबे 1998 से कार्यरत हैं और यह उनके लिए पदोन्नति का अंतिम अवसर था जो उन्होंने विभाग की लापरवाही के कारण गवा दिया। वहीं दुर्ग संभाग के टीचर ऐल. बि के पद पर नियुक्त चेतन कुमार चतुर्वेदी समेत अन्य शिक्षकों को में वरिष्ठ होने के बाद भी 01/04/2023 की वरिष्ठता सूची में नाम कनिष्ठ शिक्षकों से नीचे रखा गया। जिसके कारण वे लेक्चरर के पद पर उसी पदोन्नति आदेश के तहत पदोन्नत होने से वंचित रह गए और उनसे कनिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नति प्राप्त हो गई।
कोर्ट ने लगाई रोक
माध्यम से शिक्षा विभाग के विरुद्ध नमिता राठौर एवं सुषमा साहू ने WPS No 370/2026, अंजू दुबे ने WPS No. 373/2026 और चेतन कुमार चतुर्वेदी ने WPS No 306/2026, याचिकाएं दायर किया। जिसमें न्यायालय ने दिनांक 13/01/2025 को आदेश पारित कर विभाग की लापरवाही पाते हुए पदोन्नति आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने 8/01/2026 को यह रोक लगाई है।