अकलवारा में भागवत महापुराण का पंचम दिन: आचार्य बिरेंद्र चतुर्वेदी ने कहा - दान करने से धन की शुद्धि होती है

बेमेतरा जिले के ग्राम अकलवारा में मिश्रा परिवार द्वारा आयोजित भागवत महापुराण के पंचम दिवस दान के महत्व के बारे में बताया गया।

Updated On 2026-01-09 15:13:00 IST

बेमेतरा। बेमेतरा जिले के ग्राम अकलवारा में मिश्रा परिवार द्वारा आयोजित भागवत महापुराण के पंचम दिवस दान के महत्व के बारे में बताया गया। दान करने से धन की शुद्धि होती है भारत वर्ष में सबसे बड़े दानी के रूप में राजा बलि को जाना जाता है। इतने महान दानी कि स्वयं भगवान नारायण वामन अवतार में उनसे दान लेने उनके द्वार आए।

गुरु शुक्राचार्य के मना करने पर भी और ये जानते हुए की भगवान नारायण वामन देवता के रूप में दान मांग रहे है। बलि ने उन्हें मन चाहा दान देने का संकल्प कर लिया। तब वामन देवता ने तीन पग जमीन राजा बलि से मांगा। बलि ने दान में तीन पग जमीन वामन देवता से नापने कहा।भगवान वामन ने दो पग में ही आकाश और पाताल को माप लिया। तीसरा पग कहां रखूं। ये प्रश्न राजा बलि से पूछा तब बलि ने अपना सिर भगवान के सामने रख दिया। प्रभु तीसरा पग मेरे सिर पर रखिए। मुझे नाप लीजिए।


भगवान भक्तों के प्रेम में बंध जाते है
ऐसे महान दानी राजा बलि को बारम्बार प्रणाम है। भगवान प्रसन्न होकर बलि से वरदान मांगने कहते है तब राजा बलि कहते है ऐसा वरदान दीजिए प्रभु मुझे सोते जागते आपका ही दर्शन हो। भगवान तथास्तु कहते है और बलि को पाताल में जाने कहते है स्वयं भगवान राजा बलि के द्वारपाल बन जाते है। ऐसे भगवान भक्तो के प्रेम में बंध जाते है।

अकलवारा में भक्तों का उमड़ जन सैलाब

गजेंद्र मोक्ष की कथा सुनाते हुए आचार्य बिरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि, जो भगवान के भक्त के चरण पकड़ते हैं भगवान उनकी मुक्ति सबसे पहले करते है। उन्होंने कहा कि, गजेंद्र ने सबसे पहले नारायण को पुकारा तो नारायण ने आकर सबसे पहले मगर को मोक्ष प्रदान किया। जिन्होंने गजेंद्र के पैर को पकड़े हुए थे। बाद में उन्होंने गजेंद्र को मुक्ति दिलाई। जब जब धर्म की हानि होती है तब भगवान अवतार लेते है। कंश के अत्याचार से जब पृथ्वी माता से सहन नहीं हो रहे थे। तब भगवान ने कृष्ण का जन्म लिया। आज राम और कृष्ण के जन्म की कथा आचार्य बिरेंद्र चतुर्वेदी द्वारा बहुत सुंदर भाव और सोहर गीत, बधाई गीत के साथ बताया गया। अंत में जन्मोत्सव का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सोहर गीत बधाई गीत में ग्रामवासी झूमते नजर आ रहे थे। ग्राम अकलवारा में भक्तो का जन सैलाब उमड़ पड़ा है।


झांकी में वामन देवता को दिखाया गया
आज कांके पानी की, लड्डू, और सभी बच्चों के लिए चॉकलेट की व्यवस्था मिश्रा परिवार की ओर से की गई थी। जिसका आनंद सभी भक्तों ने लिया। आज झांकी में वामन देवता को दिखाया गया और वासुदेव बाबा छोटे से कन्हैया को टोकरी में बैठा के नंद बाबा के घर पहुंचाने का दृश्य दिखाया गया। जिसे देख सभी भक्तगण पुष्प वर्षा कर झूमने लगे। कथा में भक्तांे का जन सैलाब उमड़ रहा है। अंत में प्रसाद वितरण किया गया। कल रूखमणी विवाह की मंगलमयी झांकी के साथ कथा श्रवण का लाभ आप सभी भक्तों को मिलेगा।

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