मिलरों के धान उठाव पर रोक: रि-साइक्लिंग का हैं शक, खरीदी बंद होने के बाद दिया जाएगा
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अभियान के अंतिम चरण में मार्कपेड ने धान के उठाव पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अभियान के अंतिम चरण में मार्कपेड ने धान के उठाव पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि जिलों में राइस मिलरों के यहां मारे गए छापे में धान का स्टॉक कम पाए जाने पर रि-साइक्लिंग के शक पर मार्कफेड ने सभी जिलों से डीओ काटने रोक लगा दी। अब मिलरों को धान खरीदी बंद होने के बाद उठाव करने दिया जाएगा। खरीदी केंद्र प्रभारियों का कहना है कि इससे धान रखने के लिए जगह तक नहीं बचेगी।
उल्लेखनीय है कि, किसानों से खरीदा गया धान कस्टम मिलिंग उपार्जन नीति के तहत प्रदेशभर में संचालित राइस मिलों को दिया जाता है, जो धान की मिलिंग करके निश्चित मात्रा में चावल सरकार को वापस करते हैं। पुरानी व्यवस्था के तहत धान की खरीदी के साथ ही राइस मिलरों को धान का उठाव करने के लिए डीओ जारी किया जा रहा था। खरीदी के अंतिम चरण में धान के उठाव पर रोक लगाते हुए अब खरीदी समाप्त होने के बाद ही उठाव कराने का आदेश मार्कफेड द्वारा जारी किया गया है।
राइस मिलर्स और सहकारी समितियों की परेशानी बढ़ी
सरकार के नए आदेश के बाद अब किसी भी जिले में ऑनलाइन गेट पास जारी नहीं हो रहा है। वर्तमान में प्रदेश भर के धान खरीदी केंद्रों में कई लाख क्विंटल धान का स्टॉक पड़ा हुआ है। चूंकि राइस मिलों के लिए नियमित रूप से धान का उठाव हो रहा था, इसलिए खरीदी केंद्रों में जगह की कमी नहीं हो रही थी, मगर उठाव के बंद होते ही धान का विशाल स्टॉक खड़ा हो जायेगा, और इसका असर खरीदी पर पड़ेगा। हालांकि ऐसी नौबत हर साल आ रही है और ज्यादा मात्रा में धान की खरीदी के चलते धान महीनों तक केंद्रों में पड़ा रहता है।
राइस मिलों में धान का स्टॉक कम मिला
दरअसल हाल के दिनों में जब प्रदेश के कई जिलों में राइस मिलों पर छापा मारा गया तब वहां धान का स्टॉक निर्धारित मात्रा से कम मिला। आशंका है कि इन मिलरों द्वारा धान की रि-साइक्लिंग की जा रही थी। इसके चलते कई मिलों को सील कर दिया गया। आरोप है कि कई मिलर धान का उठाव करने के बाद उसे बिचौलियों के जरिये फिर से किसानों के यहां भिजवाकर खरीदी केंद्रों में बेच देते हैं। इससे मिलर्स को फायदा हो जाता है और सरकार को नुकसान। इसे रोकने के लिए ही सरकार ने धान के उठाव पर फिलहाल रोक दी है।
पंजाब में पहले से लागू
उल्लेखनीय है कि पंजाब जैसे राज्यों में सरकारी धान की खरीदी होने तक राइस मिलों के लिए धान के उठाव पर प्रतिबंध रहता है। इस व्यवस्था के चलते धान की रि-साइक्लिंग जैसी गड़बडियां नहीं होती।