छत्तीसगढ़ की सियासत में ‘जय-वीरू’ की एक और जोड़ी: मंत्री टंकराम और गुरु खुशवंत साहेब को लेकर बलौदाबाजार में लगे अनोखे पोस्टर

छत्तीसगढ़ की सियासत में मंत्री टंकराम वर्मा और गुरु खुशवंत साहिब की जोड़ी इन दिनों ‘जय-वीरू’ के नाम से चर्चा में है, हर मंच पर साथ उपस्थिति से लोकप्रियता बढ़ी।

By :  Ck Shukla
Updated On 2026-01-20 11:58:00 IST

जय-वीरू की जोड़ी का स्वागत करता आकर्षक पोस्टर

कुश अग्रवाल - बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों एक दिलचस्प 'फिल्मी जोड़ी' सुर्खियों का केंद्र बनी हुई है। ये जोड़ी किसी फिल्म की स्क्रीन पर नहीं, बल्कि सरकारी मंचों पर दिखाई देती है। नाम है- मंत्री टंकराम वर्मा और मंत्री गुरु खुशवंत साहिब, जिन्हें समर्थक अब प्यार से जय-वीरू की जोड़ी कह रहे हैं।

बलौदा बाजार में दिखा सबसे बड़ा पोस्टर
इस नई राजनीतिक ब्रांडिंग की सबसे आकर्षक झलक बलौदा बाजार में नजर आई। नगर पालिका की नवनिर्मित चौपाटी के लोकार्पण कार्यक्रम में जैसे ही दोनों मंत्री पहुंचे, गेट पर लगे विशाल फ्लेक्स ने सबका ध्यान खींच लिया। पोस्टर पर लिखा था 'जय-वीरू की जोड़ी का स्वागत है'। यह पोस्टर सिर्फ स्वागत नहीं था, बल्कि यह संदेश भी था कि जनमानस ने इस जोड़ी को राजनीति की एक मजबूत टीम के रूप में स्वीकार कर लिया है।

हर मंच पर साथ दिख रही जोड़ी
बीते दिनों में कई कार्यक्रमों, लोकार्पणों और जिलों के दौरे में दोनों मंत्री लगातार साथ नजर आए हैं। समर्थकों के बीच इसकी चर्चा इतनी बढ़ गई कि अब दोनों को शोले फिल्म के लोकप्रिय किरदारों की तरह पहचाना जाने लगा है।

युवाओं की उम्मीदों के ‘हीरो’
दोनों मंत्री ऐसे विभाग संभाल रहे हैं जो सीधे युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं-

  • उच्च शिक्षा
  • तकनीकी शिक्षा
  • रोजगार एवं कौशल

इन क्षेत्रों में सुधार और नए अवसरों को लेकर दोनों का संयुक्त प्रयास युवाओं में सकारात्मक छवि बना रहा है। शायद यही वजह है कि जनता ने उन्हें राजनीति की हीरो जोड़ी का स्थान दे दिया है।

छत्तीसगढ़ की सियासत में जोड़ी ट्रेंड नया नहीं
इससे पहले भी 2018 में कांग्रेस नेताओं भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव को ‘जय-वीरू’ की उपाधि मिल चुकी है। अब यही सियासी टैग भाजपा की नई जोड़ी पर फिट बैठता नजर आ रहा है।

जिम्मेदारी बड़ी, उम्मीदें उससे भी बड़ी
लोकप्रियता मिलना अच्छी बात है, लेकिन राजनीति में असली परख कामकाज से होती है। अब सवाल यह है कि क्या यह ‘जय-वीरू’ की जोड़ी अपने विभागों में भी उतना ही प्रभाव दिखा पाएगी, जितना जनता के दिलों में बना रही है? आने वाला समय इस सवाल का जवाब देगा।

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