50 हजार के ऑटो का डेढ़ लाख चालान: धमतरी के ऑटो मालिक पहुंचे कलेक्ट्रेट
सोमवार को ऑटो ऑनर्स एसोसिएशन ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर 200 ऑटो के साथ रैली निकाली।
प्रदर्शन करते हुए ऑटो मालिक
धमतरी। सोमवार को ऑटो ऑनर्स एसोसिएशन ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर 200 ऑटो के साथ रैली निकाली। ऑटो चालकों ने कलेक्टोरेट के सामने धरना प्रदर्शन किया। एसोसिएशन कलेक्टर, एसपी को ज्ञापन सौंपने अड़ा रहा। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद नायब तहसीलदार लोकेश साव को ज्ञापन सौंपा। ऑटो ऑनर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष साहिल अहमद ने बताया कि ऑटोरिक्शा के खिलाफ हो रही प्रशासनिक ज्यादती के विरोध में 200 ऑटो की रैली निकाली गई। रैली बस स्टैंड से मकई चौक, रत्नाबांधा चौक, अंबेडकर चौक होते हुए कलेक्टोरेट पहुंची।
एसोसिएशन ने कलेक्टोरेट का घेराव कर पुलिस एवं प्रशासन को समस्या बताकर सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। बताया कि धमतरी में ऑटो पर ई-चालान का कहर टूट रहा है। हर ऑटो पर दर्जनों ई-चालान काटा जा रहा है। 50 हजार से 1.50 लाख रूपए तक फिटनेस, बीमा के नाम पर चालान काटा जा रहा है। योगेश साहू ने बताया कि नवंबर से अब तक 26 बार के चालान में 1.40 हजार रूपये ठोका गया है जबकि उसके ऑटो की कीमत 50 हजार से ज्यादा नहीं है। उनका आरोप है कि ई-रिक्शा वालों के पास कम्पलीट कागजात नहीं है, फिर भी ई-रिक्शा का चालान नहीं काटा जाता है।
धमतरी में फिटनेस पर लगी रोक
धमतरी जिले में फिटनेस प्रमाण पत्र बनाने के काम पर रोक लगा दी गई है जिसकी वजह से ऑटो वालों को रायपुर या दुर्ग 70 से 80 किमी दूर जाना पड़ रहा है। रायपुर या दुर्ग जाने पर यातायात पुलिस चालानी कार्रवाई करती है जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने धमतरी में ही फिटनेस एवं गाड़ियों का पेपर बनाने की मांग की है।
निर्धारित से अधिक किराया ले रहे
एसोसिएशन ने एसपी के नाम सौंपे ज्ञापन में कहा है कि ई-रिक्शा चालकों द्वारा सवारियों से निर्धारित किराया से अधिक राशि वसूली जा रही है। अंबेडकर चौक से बस स्टैंड का निर्धारित किराया 10 रूपये है जबकि ई-रिक्शा में इसका चार्ज 20 रुपये लिया जा रहा है। इसी तरह लक्ष्मी निवास से कलेक्टोरेट का 10 से 20 रुपये लिया जा रहा है। आरोप है कि अग्निवीर भर्ती के लिए आने वाले युवाओं को लूटा जा रहा है।
ई-रिक्शा में स्कूली बच्चे नियम विरूद्ध
ई-रिक्शा से स्कूली बच्चों को ढोया जा रहा है जो नियम अनुसार गलत है। ई-रिक्शा वालों के पास लाइसेंस नहीं है। फिटनेस और परमिट भी नहीं है। धमतरी के शोरूम संचालकों के द्वारा बिना लाइसेंस के ई-रिक्शा बेची जाती है जिससे ई-रिक्शा की तादाद बहुत बढ़ रही है। स्कूलों में बिना पेपर वाले मैजिक, तूफान, प्राइवेट गाड़ियां चल रही हैं। सिर्फ ऑटो रिक्शा पर ही कार्रवाई हो रही है। एसोसिएशन ने बस स्टैंड के पीछे स्थित राइस मिल से उड़ने वाले राखड़ की शिकायत करते हुए कहा कि इससे बस स्टैंड में यात्री, व्यापारी, वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।