धान बिक्री में देरी से टूटी किसान की उम्मीद: आदिवासी महिला ने किया आत्महत्या का प्रयास, 150 किसान अब भी परेशान
बलौदाबाजार जिले के लोरितखार गांव में धान बिक्री न हो पाने से परेशान आदिवासी महिला किसान ने जहरीला पदार्थ सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया।
महिला किसान का अस्पताल में इलाज जारी
कुश अग्रवाल- बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले बया थाना क्षेत्र में मोढा समिति अंतर्गत आने वाले वनांचल क्षेत्र के ग्राम लोरितखार में धान बिक्री न हो पाने से परेशान एक महिला कृषक द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। महिला ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिसके बाद परिजनों द्वारा तत्काल उसे पिथौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, महिला की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम लोरितखार निवासी आदिवासी महिला कुंती बाई बरिहा (50 वर्ष), पति रविशंकर बरिहा, ने गुरुवार दोपहर लगभग 12 बजे धान बिक्री में हो रही देरी से मानसिक तनाव में आकर कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। परिजनों को जानकारी मिलते ही उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
लगभग 150 किसानों का धान नहीं बिक पाया
बताया गया है कि, महिला के पास लगभग दो हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें करीब 60 क्विंटल धान का उत्पादन हुआ था। मोढा समिति अंतर्गत अब तक लगभग 150 किसानों का धान नहीं बिक पाया है, जिसकी मात्रा करीब 3,000 से 4,000 क्विंटल बताई जा रही है।
कई किसानों का टोकन अब तक नहीं कट सका
गौरतलब है कि, बार-बार समिति के चक्कर लगाने के बावजूद टोकन नहीं कटने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी न होने से किसान परेशान हैं। धान खरीदी की समय-सीमा दो दिन बढ़ाए जाने के बाद भी कई किसानों का टोकन अब तक नहीं कट सका है। उक्त घटना की सूचना बलौदा बाजार जिले में दी गई है।