दही-चूड़ा भोज से निकला सियासी संदेश: RCP सिंह की जदयू में होगी वापसी? JDU विधायक ने दिया न्योता
बिहार में दही-चूड़ा भोज के दौरान राजनीति गरमा गई है। जेडीयू विधायक श्याम रजक ने जनसुराज नेता आरसीपी सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया। जानिए क्या बोले, सीएम नीतीश की मौजूदगी और सियासी मायने।
जेडीयू विधायक श्याम रजक ने जनसुराज नेता आरसीपी सिंह को पार्टी शामिल होने का न्योता दिया है। (फाइल फोटो)
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित दही-चूड़ा भोज ने इस बार सिर्फ परंपरा नहीं निभाई, बल्कि सियासी संकेत भी दे दिए। राज्य के पूर्व मंत्री रत्नेश सदा के आवास पर आयोजित भोज में कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया।
जेडीयू विधायक का RCP सिंह पर बड़ा बयान
दही-चूड़ा भोज में पहुंचे जेडीयू विधायक श्याम रजक ने मीडिया से बातचीत के दौरान जनसुराज नेता आरसीपी सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया। जब उनसे आरसीपी सिंह की जेडीयू में वापसी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि आरसीपी सिंह कभी पार्टी से अलग थे ही नहीं। यदि वे जेडीयू में आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है।
श्याम रजक के इस बयान को राजनीतिक गलियारों में एक खुले संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने की अटकलें तेज हो गई हैं।
आरसीपी सिंह के पुराने बयान से जुड़े मायने
इससे पहले आरसीपी सिंह खुद भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने संबंधों को लेकर बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वे और नीतीश कुमार एक-दूसरे को 25 वर्षों से जानते हैं और दोनों के बीच गहरी राजनीतिक समझ रही है। जेडीयू में वापसी को लेकर उन्होंने इशारों में कहा था कि इसका जवाब वक्त देगा।
तेज प्रताप यादव के भोज पर भी बोले श्याम रजक
श्याम रजक ने तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में शामिल होने के सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में जाना शिष्टाचार और सामाजिक परंपरा का हिस्सा होता है, इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी से बढ़ी चर्चा
जानकारी के अनुसार, पूर्व मंत्री रत्नेश सदा के दही-चूड़ा भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पहुंचे। उनके साथ जेडीयू नेता संजय झा की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। ऐसे में दही-चूड़ा भोज के बहाने सामने आ रहे राजनीतिक संदेशों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
आगे क्या बदलेगा बिहार का सियासी समीकरण?
दही-चूड़ा भोज के दौरान दिए गए बयानों ने साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव संभव हैं। खासकर आरसीपी सिंह को लेकर जेडीयू के रुख ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।