नीट स्टूडेंट मौत मामला: NEET छात्रा हत्याकांड की जांच CBI को, लेकिन परिवार नाखुश; बोले– किसी पर भरोसा नहीं

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत मामले की जांच CBI को सौंपी गई, लेकिन परिजन संतुष्ट नहीं। परिवार ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया और जज की निगरानी में जांच की मांग की।

Updated On 2026-01-31 18:55:00 IST

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत मामले की जांच CBI को सौंपी गई, लेकिन परिजन संतुष्ट नहीं।

NEET Student Murder Case: बिहार की राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की मौत के मामले की जांच अब CBI करेगी। नीतीश सरकार ने इस केस को केंद्रीय जांच एजेंसी को ट्रांसफर करने का फैसला लिया है। हालांकि, सरकार के इस निर्णय से छात्रा का परिवार संतुष्ट नहीं है।

परिजनों ने CBI जांच पर जताई नाराजगी

छात्रा के परिजनों का कहना है कि उन्होंने CBI जांच की मांग नहीं की थी। परिवार के अनुसार, वे सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच चाहते थे। परिजनों ने साफ कहा कि उन्हें अब किसी भी जांच एजेंसी पर भरोसा नहीं रहा है।

प्रशासन, हॉस्टल और अस्पताल पर मिलीभगत का आरोप

परिवार के एक सदस्य ने शनिवार को समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में प्रशासन, हॉस्टल प्रबंधन और अस्पताल की मिलीभगत है। उन्होंने कहा, ''हम संतुष्ट नहीं हैं। सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। DGP ने हमारी बेटी की मौत को आत्महत्या बताने की कोशिस की। हमें किसी पर भरोसा नहीं है। बिहार पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही है।''

सरकार ने CBI जांच का बताया कारण

नीतीश सरकार में गृह मंत्री और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि नीट छात्रा हत्याकांड की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए CBI से जांच कराने का आग्रह किया गया है।

वहीं, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है और ईमानदारी से जांच की गई, लेकिन पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं था, इसलिए केस CBI को सौंपा गया।

क्या है पूरा मामला?

जहानाबाद की छात्रा 6 जनवरी को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में अपने कमरे में अचेत अवस्था में मिली थी। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बदला मामला

परिजनों ने शुरुआत से ही रेप और हत्या की आशंका जताई थी। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया और विरोध तेज हो गया।

SIT जांच और फॉरेंसिक खुलासे

विवाद बढ़ने पर बिहार पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया। जांच के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई, जिसके बाद डीएनए जांच के लिए परिजनों समेत कई लोगों के सैंपल लिए गए।

सबूत मिटाने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए छात्रा के कमरे से अहम सबूत मिटा दिए गए। SIT जहां जल्द खुलासे का दावा कर रही थी, वहीं अचानक केस को CBI को सौंपे जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।

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