IND vs NZ: आयुष बदोनी को कैसे टीम इंडिया में पहली बार चुने जाने की मिली खबर? ऑलराउंडर ने सुनाया किस्सा
आयुष बदोनी को पहली बार भारतीय वनडे टीम में मौका मिला है। उन्होंने पहली बार भारतीय टीम में चुने जाने पर कहा कि मैं खुद को बेहद खुश और आभारी महसूस कर रहा हूं।
आयुष बदोनी ने भारतीय टीम में चुने जाने से जुड़ा किस्सा सुनाया।
India vs New Zealand ODI: दिल्ली के युवा क्रिकेटर आयुष बदोनी के लिए यह पल किसी सपने के सच होने जैसा। 26 साल के बदोनी को पहली बार टीम इंडिया में जगह मिली और उनका मानना है कि ऑलराउंडर बनने का फैसला ही उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया। वॉशिंगटन सुंदर के पहले वनडे के बाद चोटिल होकर बाहर होने के बाद बदोनी को यह मौका मिला।
सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर और अब निर्णायक मुकाबला रविवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरे वनडे में बदोनी को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला लेकिन हालिया फॉर्म को देखते हुए उन्हें उम्मीद है कि आखिरी मैच में उन्हें खेलने का मौका मिल सकता।
टीम इंडिया में चुने जाने की खबर उन्हें कब मिली, इसका जिक्र करते हुए बदोनी ने कहा, 'मैं उस वक्त दिल्ली टीम के साथ था और विदर्भ के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मैच से ठीक एक दिन पहले मुझे पता चला। मैं तब कप्तान था। मेरे रूममेट प्रियांश मेरे साथ थे, मैंने उनसे कहा कि ऐसा हो सकता है कि मुझे जाना पड़े और फिर शायद तुम कप्तान बनो। वो एहसास बहुत खास था। मैं खुद को बेहद खुश और आभारी महसूस कर रहा हूं।'
परिवार की प्रतिक्रिया पर बदोनी ने बताया कि उन्हें कॉल देर रात मिली थी, इसलिए तुरंत घर पर किसी को नहीं बता पाए। सुबह जब टीम का ऐलान हुआ, तब घरवालों को पता चला। सभी बहुत खुश और गर्व महसूस कर रहे थे। टीम में कोच और खिलाड़ी सभी बहुत स्वागत करने वाले थे। मैं पहले भी कई खिलाड़ियों के साथ और खिलाफ खेल चुका हूं, इसलिए सब कुछ जाना-पहचाना सा लगा।
बदोनी ने यह भी साफ किया कि वह पहले सिर्फ बल्लेबाज थे लेकिन दो साल पहले उन्होंने गेंदबाजी पर गंभीरता से काम करना शुरू किया। बदोनी ने कहा, 'अब मेरी तैयारी बिल्कुल साफ है। पिछले दो साल से मैं अपनी गेंदबाजी पर बहुत फोकस कर रहा। मुझे हमेशा लगता है कि मैं विकेट निकाल सकता हूं और टीम के लिए गेंद से भी योगदान दे सकता हूं। ऑलराउंडर बनने का मुझे सीधा फायदा मिला। दिल्ली के लिए मैंने गेंदबाजी की, विकेट लिए और उसी का नतीजा है कि आज मैं यहां हूं।'
सीनियर खिलाड़ियों के साथ समय बिताने को लेकर बदोनी ने कहा कि वह हर पल सीखने की कोशिश करते हैं। ऑलराउंडर ने आगे कहा, 'टीम में कई सीनियर खिलाड़ी हैं, जो अपने आप में लीजेंड हैं। मैं उनसे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में सीखने की कोशिश करता हूं। हर्षित को मैं दिल्ली से जानता हूं। अर्शदीप और श्रेयस के साथ भी खूब मस्ती होती है। इस टीम का हिस्सा बनना वाकई मजेदार है।'