Suresh Kalmadi: वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का निधन, पुणे में आज होगा अंतिम संस्कार

कलमाड़ी के आधिकारिक कार्यालय के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे तक एरंडवणे स्थित कलमाड़ी हाउस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

Updated On 2026-01-06 09:32:00 IST

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का निधन

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। कलमाड़ी को पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार तड़के करीब सुबह 3:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

आज होगा अंतिम संस्कार

कलमाड़ी के आधिकारिक कार्यालय के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे तक एरंडवणे स्थित कलमाड़ी हाउस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे वैकुंठ श्मशान, पुणे में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

राजनीति और खेल प्रशासन में लंबा सफर

सुरेश शामराव कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को हुआ था। वे पुणे लोकसभा सीट से दो बार सांसद चुने गए। राजनीति के साथ-साथ कलमाड़ी का नाम खेल प्रशासन में भी काफी प्रभावशाली रहा। वे भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष रहे और 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स की आयोजन समिति के चेयरमैन की जिम्मेदारी भी संभाली। इसके अलावा उन्होंने रेल राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया।

एयरफोर्स से राजनीति तक का सफर

कलमाड़ी ने वर्ष 1960 में नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) जॉइन की थी। इसके बाद वे भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में कमीशंड हुए। 1964 से 1972 तक उन्होंने एयरफोर्स में सेवाएं दीं और 1972 से 1974 तक NDA में एयरफोर्स ट्रेनिंग टीम के इंस्ट्रक्टर रहे। वे स्क्वाड्रन लीडर के पद से रिटायर हुए, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।

कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले ने बदली छवि

सुरेश कलमाड़ी का नाम कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) भ्रष्टाचार मामले के कारण लंबे समय तक विवादों में रहा। वर्ष 2011 में CBI ने उन्हें गिरफ्तार किया, जिसके बाद कांग्रेस पार्टी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। गिरफ्तारी के बाद वे दिल्ली की तिहाड़ जेल में भी रहे।

कलमाड़ी पर आरोप था कि उन्होंने खेलों के लिए 141 करोड़ रुपये की लागत से स्विस टाइमकीपिंग कंपनी को ठेका देकर अनियमितताएं कीं। इस मामले से जुड़े केस करीब 15 साल तक चले। हालांकि, अप्रैल 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली थी।

एक प्रभावशाली लेकिन विवादित व्यक्तित्व

सुरेश कलमाड़ी का जीवन सत्ता, खेल, प्रशासन और विवादों का मिश्रण रहा। समर्थकों के लिए वे एक प्रभावशाली नेता थे, वहीं आलोचकों के लिए CWG घोटाले का चेहरा। उनके निधन के साथ ही भारतीय राजनीति और खेल प्रशासन के एक युग का अंत माना जा रहा है।

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