तुर्कमान गेट में आधी रात बुलडोजर एक्शन: हाईकोर्ट आदेश पर MCD की बड़ी कार्रवाई, हिंसक झड़प में पुलिसकर्मी घायल; इलाके में भारी तनाव
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हाईकोर्ट के आदेश के बाद MCD ने आधी रात अवैध ढांचों पर बुलडोजर कार्रवाई की। मस्जिद के पास बने बारात घर और दुकानों को ध्वस्त किया गया। इस दौरान पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस से हालात बेकाबू हो गए। पूरा इलाका सुरक्षा घेरे में है।
करवाई में निगम के साथ पीडब्ल्यूडी और लैंड एंड डेवलपमेंट विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।
नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार की रात भारी हंगामे के बीच दिल्ली नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की।
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बने अवैध ढांचों, बारात घर और दुकानों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया।
इस दौरान स्थानीय लोगों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प भी देखने को मिली, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। फिलहाल पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
क्या था पूरा मामला और हाईकोर्ट का आदेश
यह विवाद रामलीला मैदान और तुर्कमान गेट के बीच स्थित लगभग 38,940 वर्ग फुट सरकारी जमीन के मालिकाना हक को लेकर था। दिल्ली नगर निगम का तर्क था कि यह जमीन निगम की है, जबकि मस्जिद प्रबंधन इसे अपनी बता रहा था।
मामला दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस धर्मेश शर्मा की अदालत में चला। 12 नवंबर 2025 को कोर्ट ने साफ कर दिया था कि यह जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए है और इस पर किया गया कोई भी निर्माण अवैध है।
कोर्ट ने निर्देश दिया था कि दिल्ली वक्फ बोर्ड और संबंधित पक्ष इस जमीन को खाली करें। मस्जिद कमेटी ने इस आदेश के खिलाफ मंगलवार को फिर से याचिका लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने केंद्र सरकार और वक्फ बोर्ड को नोटिस तो जारी किया, पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया।
आधी रात को शुरू हुआ निगम का 'सीक्रेट ऑपरेशन'
आमतौर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुबह के समय होती है, लेकिन इलाके की संवेदनशीलता और पुरानी दिल्ली की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए MCD ने रणनीति बदली।
बुधवार तड़के करीब 1:30 बजे, जब पूरा इलाका सो रहा था, प्रशासन ने करीब 20 से 30 बुलडोजरों और बड़ी मशीनों के साथ अभियान शुरू किया।
निगम के साथ पीडब्ल्यूडी और लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस के अधिकारी भी मौजूद थे। निगम की टीम ने सबसे पहले मस्जिद से सटे अवैध बारात घर और वहां बनी व्यावसायिक दुकानों के शटर तोड़े और फिर उन्हें पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।
अंधेरे का फायदा उठाकर कोई बड़ी भीड़ जमा न हो, इसके लिए पूरे ऑपरेशन को बहुत ही गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया।
प्रदर्शनकारियों का पथराव और पुलिस की जवाबी कार्रवाई
जैसे ही बुलडोजर की आवाज़ और कार्रवाई की खबर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैली, सैकड़ों की तादाद में लोग घरों से बाहर निकल आए। सुबह 4 बजे के आसपास स्थिति तब बेकाबू हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और पथराव शुरू कर दिया।
पथराव में 5 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए और निगम की कुछ गाड़ियों के शीशे भी टूट गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और फिर आंसू गैस के कई राउंड गोले दागे।
स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि दिल्ली पुलिस की वज्र गाड़ियों को तैनात करना पड़ा और रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियों ने पूरे तुर्कमान गेट और अजमेरी गेट इलाके को चारों तरफ से घेर लिया।
प्रशासन और मस्जिद कमेटी के अलग-अलग दावे
प्रशासन का कहना है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित सभी गाइडलाइंस का पालन किया है। एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद कमेटी को 2025 में ही कई बार नोटिस दिए गए थे और उन्हें खुद से अवैध ढांचा हटाने का समय दिया गया था।
वहीं, मस्जिद कमेटी के वकील और स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह संपत्ति 1970 के दशक के समझौतों के तहत मस्जिद के पास थी और इसे 'अतिक्रमण' कहना गलत है।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कड़ाके की ठंड में बिना किसी मानवीय आधार के कार्रवाई की और दवाखाना जैसी जनसुविधाओं को भी नष्ट कर दिया, जो गरीबों के काम आता था।
सुरक्षा घेरा और यातायात पर बढ़ा दबाव
इस कार्रवाई के कारण मध्य दिल्ली की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सुबह ही एडवाइजरी जारी कर दी क्योंकि जेएलएन मार्ग, आसफ अली रोड और मिंटो रोड को सामान्य यातायात के लिए बंद कर दिया गया था।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को 9 सेक्टरों में बांटकर निगरानी की जा रही है।
सुरक्षा बलों ने न केवल सड़कों पर, बल्कि आसपास की ऊंची इमारतों की छतों पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है ताकि ऊपर से पथराव जैसी घटना दोबारा न हो। पुलिस अभी भी ड्रोन के जरिए इलाके की मैपिंग कर रही है।