ठंड का रौद्र रूप: उत्तर भारत के 29 शहरों में 'बोन-चिलिंग और दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट!
देश में मौसम का दोहरा संकट है। उत्तर भारत के 29 शहरों में भीषण शीतलहर और घने कोहरे के कारण रेड अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि यह शीतलहर का दौर अगले तीन दिनों तक जारी रह सकता है।
नई दिल्ली : देश के मौसम में इस वक्त जबरदस्त विरोधाभास देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत जहां भीषण शीतलहर और जानलेवा कोहरे की चपेट में है, वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी सक्रियता जैसे हालात बन गए हैं।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बर्फबारी और मैदानी इलाकों में चल रही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने तापमान को सामान्य से 5 से 7 डिग्री नीचे गिरा दिया है।
दिल्ली, यूपी और बिहार में 'कोल्ड डे' की स्थिति बनी हुई है, जबकि तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
दक्षिण के 3 राज्यों में मूसलाधार बारिश और मछुआरों को रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज तमिलनाडु, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के लिए भारी बारिश का विशेष बुलेटिन जारी किया है।
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवातीय दबाव के कारण इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है। तटीय इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं, जो समुद्र में ऊंची लहरें पैदा कर रही हैं।
प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। अंडमान में पर्यटकों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है क्योंकि वहां दृश्यता कम होने और तेज हवाओं से नाव संचालन में खतरा पैदा हो गया है। अगले 24 घंटों में इन राज्यों के कुछ जिलों में जलभराव की गंभीर समस्या भी पैदा हो सकती है।
उत्तर भारत के 29 शहरों में 'बोन-चिलिंग' शीतलहर और रिकॉर्ड तोड़ ठंड
उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब तक के 29 प्रमुख शहरों में आज शीतलहर का सबसे प्रचंड रूप देखा जा रहा है। यूपी के लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज और आगरा में सुबह से ही ऐसी बर्फीली हवाएं चल रही हैं जो हड्डियों को गलाने वाली महसूस हो रही हैं।
पंजाब के अमृतसर और भटिंडा में पारा जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया है, जिससे वहां की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। हरियाणा के गुरुग्राम और सोनीपत में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि यह शीतलहर का दौर अगले तीन दिनों तक जारी रह सकता है। प्रशासन ने इन शहरों में रैन बसेरों की संख्या बढ़ाने और अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए हैं क्योंकि रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर गया है।
दिल्ली-NCR में बर्फीली हवाओं का टॉर्चर और कोहरे से यातायात ठप
देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में आज सुबह से ही 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल रही हैं। यह हवा न केवल ठंड बढ़ा रही है, बल्कि
स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है, जिससे सांस के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और अक्षरधाम जैसे प्रमुख मार्गों पर कोहरे की इतनी घनी चादर है कि विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई है।
दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे यह साल का सबसे ठंडा दिन साबित हो सकता है। कोहरे के कारण कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं और हवाई उड़ानों पर भी असर पड़ने लगा है, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
पहाड़ों पर भारी हिमपात और मैदानी इलाकों में पाले का कहर
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ों पर आज भारी बर्फबारी का दौर जारी है। हिमाचल के मनाली में पारा गिरकर रिकॉर्ड -19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे वहां पानी की पाइपलाइनें तक जाम हो गई हैं।
ताबो, कल्पा और लाहौल-स्पीति जैसे इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट चुका है। उत्तराखंड के चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में बर्फबारी के साथ-साथ निचले इलाकों में पाला गिरने की चेतावनी दी गई है।
यह पाला किसानों के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं है, क्योंकि इससे आलू, सरसों और सब्जियों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना है। पहाड़ी रास्तों पर फिसलन बढ़ने के कारण पर्यटकों को ऊंचे इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।
बिहार, झारखंड और राजस्थान में 'जीरो विजिबिलिटी' और कड़ाके की ठंड
बिहार और झारखंड में ठंड ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को चुनौती दी है। पटना सहित बिहार के 19 जिलों में आज घने कोहरे के कारण 'जीरो विजिबिलिटी' दर्ज की गई है।
राजधानी पटना, गया और पूर्णिया जैसे शहरों में शीतलहर के कारण स्कूल-कॉलेजों के समय में बदलाव किया गया है। झारखंड के रांची और हजारीबाग में भी भीषण ठंड के कारण जनजीवन थम सा गया है, यहां न्यूनतम तापमान 6-7 डिग्री के बीच बना हुआ है। राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र और जयपुर में भी बर्फीली हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है।
श्रीगंगानगर और चूरू में तापमान 2 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, जब तक पहाड़ों पर बर्फबारी नहीं रुकेगी, तब तक इन मैदानी राज्यों को ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।